📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / World Economic Forum from Cologny, Switzerland
देश
कपिल सिब्बल का तीखा सवाल: दलबदल के बीच चुनाव कराने की क्या ज़रूरत?
✍️ Amar Ujala
🗓 19 जून 2026, 05:01 AM
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वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा बार-बार राजनीतिक दल बदलने के संदर्भ में चुनाव कराने की आवश्यकता पर एक तीखा सवाल उठाया है।
राजनीतिक दलबदल पर एक बार फिर से गरमाई बहस के बीच, वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने चुनाव कराने की प्रासंगिकता पर सवाल उठाया है। उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा अपने राजनीतिक दल बदलने के मुद्दे को उजागर किया, जिससे चुनावी प्रक्रिया की अखंडता पर प्रश्नचिन्ह लगता है।
सिब्बल की यह टिप्पणी भारतीय राजनीति में 'आया राम, गया राम' की राजनीति के रूप में जानी जाने वाली प्रवृत्ति के फिर से चर्चा में आने के संदर्भ में आई है। विधायकों द्वारा बार-बार दल बदलने का यह चलन एक सतत चिंता का विषय रहा है।
अनुभवी राजनेता के इस बयान में वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर एक आलोचना निहित है, जहाँ निर्वाचित जनादेश की स्थिरता दलबदल के कारण बार-बार सवालों के घेरे में आती है। इस टिप्पणी का मूल भाव यह है कि इस तरह के लगातार दल-बदल से लोकतांत्रिक चुनावों की निष्ठा और उद्देश्य पर ही मौलिक प्रश्न उठते हैं।
सिब्बल की यह टिप्पणी भारतीय राजनीति में 'आया राम, गया राम' की राजनीति के रूप में जानी जाने वाली प्रवृत्ति के फिर से चर्चा में आने के संदर्भ में आई है। विधायकों द्वारा बार-बार दल बदलने का यह चलन एक सतत चिंता का विषय रहा है।
अनुभवी राजनेता के इस बयान में वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर एक आलोचना निहित है, जहाँ निर्वाचित जनादेश की स्थिरता दलबदल के कारण बार-बार सवालों के घेरे में आती है। इस टिप्पणी का मूल भाव यह है कि इस तरह के लगातार दल-बदल से लोकतांत्रिक चुनावों की निष्ठा और उद्देश्य पर ही मौलिक प्रश्न उठते हैं।