कैमूर कि पहाड़ी पर स्थित रोहतास का किला का भ्रमण करने पहुंचे पुर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा
कैमूर कि पहाड़ी पर स्थित रोहतास का किला का भ्रमण करने पहुंचे पुर्व केंद्रीय मंत्री सह राज्यसभा सदस्य उपेन्द्र कुशवाहा
सासाराम से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
खबर सासाराम से है।जहां रोहतास जिला के कैमूर पहाड़ी पर स्थित अति प्राचीन "रोहतास गढ़ किला" का भ्रमण करने पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा पहुंचे। कैमूर पहाड़ी के दुर्गम रास्तों से होकर यहां पहुंच जाता है। सैकड़ो साल पुराने इस किला का उन्होंने दीदार किया। फिलहाल किला की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है। उन्होंने इसका भी जायजा लिया। उनके साथ उनके समर्थक भी मौजूद रहे। रोहतासगढ़ किला पर पहुंचते हैं स्थानीय जनजातीये महिलाओं ने परंपरागत तरीके से नृत्य एवं गीत के साथ उनका स्वागत किया। नगाड़ा तथा थापर बजाते हुए महिलाएं परिसर में स्थित कर्मा वृक्ष की पूजा की। इस दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने पूरे किला के परिसर का भ्रमण किया तथा बताया कि यहां पहुंचने के रास्ते दुर्गम है। उसे ठीक करने की कवायत शुरू कर दी गई है। साथ ही किले के आसपास के क्षेत्र एवं पर्यटन की दृष्टिकोन से विकास के सभी उपाय किए जाएंगे। क्योंकि ये हमारा धरोहर है और इसे बचा कर रखना हम सबका उद्देश्य है। बता दे की आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया के अधिन ये किला है।
बाईट उपेंद्र कुशवाहा (पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सांसद)
खबर सासाराम से है।जहां रोहतास जिला के कैमूर पहाड़ी पर स्थित अति प्राचीन "रोहतास गढ़ किला" का भ्रमण करने पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा पहुंचे। कैमूर पहाड़ी के दुर्गम रास्तों से होकर यहां पहुंच जाता है। सैकड़ो साल पुराने इस किला का उन्होंने दीदार किया। फिलहाल किला की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है। उन्होंने इसका भी जायजा लिया। उनके साथ उनके समर्थक भी मौजूद रहे। रोहतासगढ़ किला पर पहुंचते हैं स्थानीय जनजातीये महिलाओं ने परंपरागत तरीके से नृत्य एवं गीत के साथ उनका स्वागत किया। नगाड़ा तथा थापर बजाते हुए महिलाएं परिसर में स्थित कर्मा वृक्ष की पूजा की। इस दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने पूरे किला के परिसर का भ्रमण किया तथा बताया कि यहां पहुंचने के रास्ते दुर्गम है। उसे ठीक करने की कवायत शुरू कर दी गई है। साथ ही किले के आसपास के क्षेत्र एवं पर्यटन की दृष्टिकोन से विकास के सभी उपाय किए जाएंगे। क्योंकि ये हमारा धरोहर है और इसे बचा कर रखना हम सबका उद्देश्य है। बता दे की आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया के अधिन ये किला है।
बाईट उपेंद्र कुशवाहा (पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सांसद)