🔥 TRENDING Teen Receptionist Ankita Bhandari Murd... Delhi Restaurant Fire: Man Saves Toddl... Bomb threats sent to several Delhi sch... कांग्रेस प्रत्याशी संगीता बेनीवाल को ज... Indore’s 74‑Year‑Old Malhar Ganj Polic... Government School Principal Dies After...
15 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা

कॉलेज अध्यक्ष के व्यवहार पर सवाल: क्या अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाना गलत है?

✍️ Reporter: छात्र शक्ति न्यूज 🗓 15 Oct 2026, 12:05 PM 👁 13
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

वीर शहीद केसरी चंद महाविद्यालय, डाकपत्थर में छात्र-छात्राओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या लड़कियों का अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाना गलत है? मामले में निष्पक्ष जाँच और छात्र-छात्राओं के सम्मान की माँग।

वीर शहीद केसरी चंद महाविद्यालय, डाकपत्थर में छात्रों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल।

कॉलेज के अध्यक्ष पर छात्र-छात्राओं के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने, गाली-गलौज और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पूरे मामले ने छात्र-छात्राओं के सम्मान और उनके अधिकारों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आखिर अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाना क्या गलत है? अगर छात्राएँ अपने अधिकारों की बात करती हैं, तो क्या उन्हें अपमानजनक भाषा सुननी पड़ेगी? किसी भी पद पर बैठे व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है कि वह सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करे।

अध्यक्ष बनना एक जिम्मेदारी है, और उस जिम्मेदारी के साथ विनम्रता व मर्यादा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। छात्र-छात्राओं की आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।

हमारा सवाल साफ़ है—क्या लड़कियों का अपने हक़ के लिए लड़ना और बोलना भी गलत है?

छात्रों के सम्मान और अधिकारों से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और संबंधित पक्षों का पक्ष भी सामने आना चाहिए।
📲Get App