📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / $udeep Bajpai
धर्म
सिक्किम के नाथु ला मार्ग से कैलाश‑मनसरोवर यात्रा समाप्त
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🗓 23 अग. 2026, 09:33 PM
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सिक्किम के नाथु ला पास से गुजरने वाली कैलाश‑मनसरोवर यात्रा का समापन हो गया, अधिकारियों ने बताया।
सिक्किम के नाथु ला पर्वतीय पास से होकर हुई कैलाश‑मनसरोवर यात्रा का समापन हो गया, सरकारी सूत्रों ने बताया। पवित्र स्थल कैलाश पर्वत और मनसरोवर झील को शामिल करने वाली निर्धारित यात्रा को पूरा करने के बाद तीर्थयात्री वापस लौटे।
नाथु ला मार्ग, कूटनीतिक मंजूरी के बाद नागरिक यात्रियों के लिए खोला गया, जिससे तीर्थयात्रियों को हिमालयी सीमा पार करने का अवसर मिला और बर्फीले शिखरों व ट्रांस‑हिमालयी दृश्यावली का अद्भुत नज़ारा मिला। सुरक्षा और लॉजिस्टिक व्यवस्था को भारतीय अधिकारियों और सीमा एजेंसियों ने मिलकर सुगम बनाया।
इस वर्ष की यात्रा सीमित कोटा के तहत सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जो विदेश मामलों और सांस्कृतिक विरासत मंत्रालयों के बीच निरंतर सहयोग को दर्शाती है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि भविष्य में भी द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर यह मार्ग फिर से खुला रहेगा।
यात्रा का समापन नाथु ला मार्ग को लिपु‑लेह मार्ग के वैकल्पिक विकल्प के रूप में महत्व को रेखांकित करता है, जिससे भारतीय तीर्थयात्रियों के पास पवित्र यात्रा के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होते हैं।
विदेश मामलों के मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय जल्द ही अगली यात्रा की तिथियों की घोषणा करेंगे और इच्छुक यात्रियों को निर्धारित समय सीमा में आवेदन करने का निर्देश देंगे।
नाथु ला मार्ग, कूटनीतिक मंजूरी के बाद नागरिक यात्रियों के लिए खोला गया, जिससे तीर्थयात्रियों को हिमालयी सीमा पार करने का अवसर मिला और बर्फीले शिखरों व ट्रांस‑हिमालयी दृश्यावली का अद्भुत नज़ारा मिला। सुरक्षा और लॉजिस्टिक व्यवस्था को भारतीय अधिकारियों और सीमा एजेंसियों ने मिलकर सुगम बनाया।
इस वर्ष की यात्रा सीमित कोटा के तहत सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जो विदेश मामलों और सांस्कृतिक विरासत मंत्रालयों के बीच निरंतर सहयोग को दर्शाती है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि भविष्य में भी द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर यह मार्ग फिर से खुला रहेगा।
यात्रा का समापन नाथु ला मार्ग को लिपु‑लेह मार्ग के वैकल्पिक विकल्प के रूप में महत्व को रेखांकित करता है, जिससे भारतीय तीर्थयात्रियों के पास पवित्र यात्रा के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होते हैं।
विदेश मामलों के मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय जल्द ही अगली यात्रा की तिथियों की घोषणा करेंगे और इच्छुक यात्रियों को निर्धारित समय सीमा में आवेदन करने का निर्देश देंगे।