अपराध
कफारा चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप: गवाही जुटाने और पत्रकार को धमकी देने का मामला, डीएम-एसपी से कार्रवाई की उम्मीद
लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र में कफारा चौकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एक पत्रकार ने चौकी प्रभारी पर गवाहों को प्रभावित करने और उसे धमकी देने का आरोप लगाया है।
लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र में स्थित कफारा चौकी की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक पत्रकार ने आरोप लगाया है कि चौकी प्रभारी ने कथित तौर पर गवाही जुटाने के संबंध में विपक्षी पक्ष से बात की थी। पत्रकार के अनुसार, उसके पास एक वीडियो साक्ष्य है जिसमें यह बातचीत रिकॉर्ड होने का दावा किया गया है, हालांकि इस वीडियो की प्रामाणिकता और कथन की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
इसके अतिरिक्त, पत्रकार ने यह भी दावा किया है कि तेजनपुरवा गांव में उसे देखे जाने पर एक साल तक देख लेने की धमकी दी गई थी। इस धमकी की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास सुरक्षित होने का कहा गया है, जिसे जांच के दौरान अधिकारियों को सौंपा जा सकता है। यह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब शिकायतकर्ता के अनुसार चोरी को मारपीट या शांति भंग में चालान करने की बात सामने आई है।
इन गंभीर आरोपों के बीच, यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी और पीड़ित को न्याय मिलेगा। एक बीजेपी पदाधिकारी ने उच्च अधिकारियों से फोन पर चौकी प्रभारी के कार्यकाल में आई समस्त शिकायतों के निस्तारण का आश्वासन मिलने की बात कही है। अब सभी की निगाहें जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कब संज्ञान लेते हैं और कब तक जिम्मेदार पाए जाने वालों पर कार्रवाई होती है। पत्रकार का कहना है कि साक्ष्य जल्द ही सोशल मीडिया पर भी सार्वजनिक किए जा सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, पत्रकार ने यह भी दावा किया है कि तेजनपुरवा गांव में उसे देखे जाने पर एक साल तक देख लेने की धमकी दी गई थी। इस धमकी की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उसके पास सुरक्षित होने का कहा गया है, जिसे जांच के दौरान अधिकारियों को सौंपा जा सकता है। यह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब शिकायतकर्ता के अनुसार चोरी को मारपीट या शांति भंग में चालान करने की बात सामने आई है।
इन गंभीर आरोपों के बीच, यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी और पीड़ित को न्याय मिलेगा। एक बीजेपी पदाधिकारी ने उच्च अधिकारियों से फोन पर चौकी प्रभारी के कार्यकाल में आई समस्त शिकायतों के निस्तारण का आश्वासन मिलने की बात कही है। अब सभी की निगाहें जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पर टिकी हैं कि वे इस मामले में कब संज्ञान लेते हैं और कब तक जिम्मेदार पाए जाने वालों पर कार्रवाई होती है। पत्रकार का कहना है कि साक्ष्य जल्द ही सोशल मीडिया पर भी सार्वजनिक किए जा सकते हैं।