📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Food Processing Industries
देश
जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने महिला वकीलों से कहा, परिस्थितियों को सीमित न होने दें
✍️ barandbench.com
🗓 06 अक्टू. 2026, 04:31 AM
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जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने महिला वकीलों को कहा कि वे संदेह और परिस्थितियों को अपनी सफलता में बाधा न बनने दें।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने महिला वकीलों के एक समूह को संबोधित करते हुए कहा कि बाहरी परिस्थितियों या आंतरिक संदेहों को अपने पेशेवर लक्ष्य को सीमित नहीं करने देना चाहिए। उन्होंने बताया कि दृढ़ता और आत्मविश्वास कानूनी क्षेत्र में बाधाओं को तोड़ने के लिए आवश्यक हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश ने इस बात पर ज़ोर दिया कि लिंग चाहे जो भी हो, हर वकील को अपनी क्षमता और समर्पण पर ध्यान देना चाहिए, न कि पूर्वधारणाओं पर।
अग्रवाल ने यह भी याद दिलाया कि प्रगति के लिए सामाजिक रूढ़ियों का सामना करना पड़ता है और चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए लचीलापन आवश्यक है। उन्होंने आपस में मेंटरिंग और सहयोगी नेटवर्क बनाने की सलाह दी, जिससे सामूहिक विकास को बल मिले। इस संबोधन का समापन एक अधिक समावेशी माहौल के लिए प्रतिबद्धता के साथ हुआ, जहाँ योग्यता ही प्रमुख मानदंड हो।
यह कार्यक्रम भारत में महिलाओं को विधि के क्षेत्र में सशक्त बनाने के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है, जो महिला न्यायाधीशों और वरिष्ठ कानूनी पदों में प्रतिनिधित्व बढ़ाने की हालिया पहलों के साथ मेल खाता है।
अग्रवाल ने यह भी याद दिलाया कि प्रगति के लिए सामाजिक रूढ़ियों का सामना करना पड़ता है और चुनौतियों को अवसर में बदलने के लिए लचीलापन आवश्यक है। उन्होंने आपस में मेंटरिंग और सहयोगी नेटवर्क बनाने की सलाह दी, जिससे सामूहिक विकास को बल मिले। इस संबोधन का समापन एक अधिक समावेशी माहौल के लिए प्रतिबद्धता के साथ हुआ, जहाँ योग्यता ही प्रमुख मानदंड हो।
यह कार्यक्रम भारत में महिलाओं को विधि के क्षेत्र में सशक्त बनाने के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है, जो महिला न्यायाधीशों और वरिष्ठ कानूनी पदों में प्रतिनिधित्व बढ़ाने की हालिया पहलों के साथ मेल खाता है।