📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Supreme Court of India
देश
हाउसवाइफ्स की नोटिशनल इनकम नियम के लिए प्रसिद्ध जस्टिस करोल सेवानिवृत्त
✍️ The Times of India
🗓 23 अग. 2026, 01:18 PM
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हाउसवाइफ्स की नोटिशनल इनकम दिशा-निर्देश के लेखक जस्टिस करोल ने सेवानिवृत्ति ली, यह खबर द टाईम्स ऑफ़ इंडिया ने दी।
जस्टिस करोल, भारतीय न्यायपालिका के वरिष्ठ न्यायाधीश, ने आधिकारिक तौर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। द टाईम्स ऑफ़ इंडिया ने उनकी सेवानिवृत्ति की खबर दी, जिसमें उनके दीर्घकालिक न्यायिक सेवा को उजागर किया गया है।
वे सबसे अधिक याद किए जाते हैं उस प्रमुख निर्णय के लिए, जिसमें उन्होंने हाउसवाइफ्स की नोटिशनल इनकम की अवधारणा पेश की, जो देश भर में कर मूल्यांकन और कानूनी चर्चाओं को आकार देती आई है। इस निर्णय ने उनके कार्यकाल के दौरान गैर‑आय वाले जीवनसाथियों की आय को व्यवस्थित रूप से मान्यता देने का लक्ष्य रखा।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि करोल का योगदान भविष्य में लिंग‑आधारित आय मूल्यांकन से जुड़े मामलों को प्रभावित करता रहेगा। उनकी सेवानिवृत्ति भारतीय न्यायशास्त्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत दर्शाती है, जहाँ कई सहयोगियों ने उनकी विश्लेषणात्मक कठोरता और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की है।
अब न्यायपालिका को उनके स्थान पर उत्तराधिकारी नियुक्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी, ताकि न्यायालयों के कार्य में निरंतरता बनी रहे।
वे सबसे अधिक याद किए जाते हैं उस प्रमुख निर्णय के लिए, जिसमें उन्होंने हाउसवाइफ्स की नोटिशनल इनकम की अवधारणा पेश की, जो देश भर में कर मूल्यांकन और कानूनी चर्चाओं को आकार देती आई है। इस निर्णय ने उनके कार्यकाल के दौरान गैर‑आय वाले जीवनसाथियों की आय को व्यवस्थित रूप से मान्यता देने का लक्ष्य रखा।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि करोल का योगदान भविष्य में लिंग‑आधारित आय मूल्यांकन से जुड़े मामलों को प्रभावित करता रहेगा। उनकी सेवानिवृत्ति भारतीय न्यायशास्त्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत दर्शाती है, जहाँ कई सहयोगियों ने उनकी विश्लेषणात्मक कठोरता और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की है।
अब न्यायपालिका को उनके स्थान पर उत्तराधिकारी नियुक्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी, ताकि न्यायालयों के कार्य में निरंतरता बनी रहे।