📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pokemonprime
अपराध
वीरामणि की न्यायिक हिरासत 9 अक्टूबर तक बढ़ाई गई, POCSO केस
✍️ The Hindu
🗓 26 सित. 2026, 01:34 AM
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एक अदालत ने POCSO अधिनियम के तहत चल रहे मामले में वीरामणि की न्यायिक हिरासत 9 अक्टूबर तक बढ़ा दी है।
पीओसीएसओ (बाल यौन शोषण रोकथाम) अधिनियम के तहत चल रहे मामले की सुनवाई में अदालत ने वीरामणि की न्यायिक हिरासत 9 अक्टूबर तक बढ़ाने का आदेश दिया। यह आदेश हालिया सुनवाई में दिया गया, जिससे पहले निर्धारित हिरासत अवधि में विस्तार हुआ।
पीओसीएसओ अधिनियम, जो नाबालिगों को यौन शोषण से बचाने के लिए विशेष प्रावधान रखता है, जांच के दौरान अक्सर अभियुक्त को हिरासत में रखता है और प्रक्रिया संबंधी कड़े नियम लागू करता है।
हिरासत अवधि में यह विस्तार magistrate को जांच को बिना बाधा के जारी रखने और अभियुक्त को न्यायिक निगरानी में रखने की अनुमति देता है। आदेश में आरोपों या साक्ष्यों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई।
यह विस्तार अगली निर्धारित सुनवाई तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद अदालत जांच की प्रगति के आधार पर जमानत देने या हिरासत जारी रखने का निर्णय लेगी।
पीओसीएसओ अधिनियम, जो नाबालिगों को यौन शोषण से बचाने के लिए विशेष प्रावधान रखता है, जांच के दौरान अक्सर अभियुक्त को हिरासत में रखता है और प्रक्रिया संबंधी कड़े नियम लागू करता है।
हिरासत अवधि में यह विस्तार magistrate को जांच को बिना बाधा के जारी रखने और अभियुक्त को न्यायिक निगरानी में रखने की अनुमति देता है। आदेश में आरोपों या साक्ष्यों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई।
यह विस्तार अगली निर्धारित सुनवाई तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद अदालत जांच की प्रगति के आधार पर जमानत देने या हिरासत जारी रखने का निर्णय लेगी।