📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
नौकरी
जेजेपीएससी‑जेजेएसएससी अभ्यर्थियों ने झारखंड सरकार से मुलाकात के बाद विरोध जारी रखने का इरादा जताया
✍️ ANI News
🗓 23 अग. 2026, 12:18 PM
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झारखंड के सार्वजनिक सेवा परीक्षा के अभ्यर्थियों ने राज्य अधिकारियों से मुलाकात के बाद अपने विरोध को जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
झारखंड के जेपीएससी‑जेजेएसएससी अभ्यर्थियों ने सोमवार को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें परीक्षा परिणामों के विलंब और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी कई समस्याओं को उठाया गया। हजारों उम्मीदवारों ने पारदर्शिता की कमी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों को मुख्य मुद्दे के रूप में प्रस्तुत किया।
बैठक में अधिकारियों ने इन चिंताओं को स्वीकार किया और बताया कि वर्तमान में प्रक्रियात्मक समीक्षा चल रही है, जिसके तहत अगले कुछ हफ्तों में एक स्पष्ट समय‑सीमा दी जाएगी। लेकिन अभ्यर्थियों ने कहा कि इस प्रकार की देरी ने उनके करियर योजनाओं को बाधित किया है और आर्थिक तनाव बढ़ा है।
बैठक के बाद समूह ने एक बयान जारी कर यह दोहराया कि उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने राज्य सचिवालय के बाहर धरने और सोशल मीडिया पर समन्वित अभियानों सहित कई कदमों की घोषणा की। वे सरकार से शीघ्र कार्यवाही की मांग कर रहे हैं और यदि संतोषजनक उपाय नहीं किए गए तो आगे की तीव्रता की संभावना जताई है।
इस महीने की शुरुआत से चल रहा यह विरोध छात्र संघों और स्थानीय मीडिया का ध्यान आकर्षित कर चुका है, जिससे राज्य में रोजगार संबंधी व्यापक चिंताएँ उजागर हो रही हैं। अब तक अधिकारियों ने कहा है कि वे कानूनी ढाँचे के भीतर समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं।
स्थिति अभी भी बदलती हुई दिख रही है; दोनों पक्ष संवाद जारी रखने को तैयार हैं, पर अभ्यर्थी यह स्पष्ट कर रहे हैं कि ठोस कदम उठाए जाने तक उनका प्रदर्शन नहीं रुकेगा।
बैठक में अधिकारियों ने इन चिंताओं को स्वीकार किया और बताया कि वर्तमान में प्रक्रियात्मक समीक्षा चल रही है, जिसके तहत अगले कुछ हफ्तों में एक स्पष्ट समय‑सीमा दी जाएगी। लेकिन अभ्यर्थियों ने कहा कि इस प्रकार की देरी ने उनके करियर योजनाओं को बाधित किया है और आर्थिक तनाव बढ़ा है।
बैठक के बाद समूह ने एक बयान जारी कर यह दोहराया कि उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने राज्य सचिवालय के बाहर धरने और सोशल मीडिया पर समन्वित अभियानों सहित कई कदमों की घोषणा की। वे सरकार से शीघ्र कार्यवाही की मांग कर रहे हैं और यदि संतोषजनक उपाय नहीं किए गए तो आगे की तीव्रता की संभावना जताई है।
इस महीने की शुरुआत से चल रहा यह विरोध छात्र संघों और स्थानीय मीडिया का ध्यान आकर्षित कर चुका है, जिससे राज्य में रोजगार संबंधी व्यापक चिंताएँ उजागर हो रही हैं। अब तक अधिकारियों ने कहा है कि वे कानूनी ढाँचे के भीतर समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं।
स्थिति अभी भी बदलती हुई दिख रही है; दोनों पक्ष संवाद जारी रखने को तैयार हैं, पर अभ्यर्थी यह स्पष्ट कर रहे हैं कि ठोस कदम उठाए जाने तक उनका प्रदर्शन नहीं रुकेगा।