📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
शिक्षा
जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने कर्मचारियों को परीक्षा व पढ़ाई के लिए अनुमति अनिवार्य की
✍️ Kashmir Life
🗓 18 सित. 2026, 08:02 AM
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जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने सभी सरकारी कर्मचारियों को परीक्षा देने या आगे की पढ़ाई करने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने सभी सरकारी कर्मचारियों को किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में बैठने या शैक्षणिक कार्यक्रम में नामांकन करने से पहले स्पष्ट अनुमति लेने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह निर्देश इस उद्देश्य से जारी किया है कि कर्मचारियों की पढ़ाई या परीक्षा से उनके कार्यकाल में कोई टकराव न हो और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
निर्णय के अनुसार, कर्मचारियों को अपने विभाग प्रमुख को लिखित रूप में अनुरोध प्रस्तुत करना होगा, जिसमें परीक्षा या कोर्स का विवरण और अनुमानित समयावधि बताई जाएगी। लिखित अनुमति मिलने के बाद ही वे पंजीकरण या परीक्षा में भाग ले सकते हैं। कोर्ट ने बताया कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षा विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत किया, यह कहा कि इससे अवकाश प्रबंधन में सुधार होगा और सार्वजनिक सेवाओं में अनावश्यक व्यवधान कम होगा। कर्मचारियों के संघों को नई प्रक्रिया के बारे में अपने सदस्यों को सूचित करने और आवश्यक आवेदन में मदद करने का निर्देश दिया गया है।
निर्णय के अनुसार, कर्मचारियों को अपने विभाग प्रमुख को लिखित रूप में अनुरोध प्रस्तुत करना होगा, जिसमें परीक्षा या कोर्स का विवरण और अनुमानित समयावधि बताई जाएगी। लिखित अनुमति मिलने के बाद ही वे पंजीकरण या परीक्षा में भाग ले सकते हैं। कोर्ट ने बताया कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
शिक्षा विभाग और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत किया, यह कहा कि इससे अवकाश प्रबंधन में सुधार होगा और सार्वजनिक सेवाओं में अनावश्यक व्यवधान कम होगा। कर्मचारियों के संघों को नई प्रक्रिया के बारे में अपने सदस्यों को सूचित करने और आवश्यक आवेदन में मदद करने का निर्देश दिया गया है।