📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
राजनीति
जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने नागरिक न्यायाधीशों को प्रथम श्रेणी न्यायिक पुलिसकर्मी का दर्जा दिया
✍️ Daily Excelsior
🗓 04 नव. 2026, 02:33 PM
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जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने नागरिक न्यायाधीशों को प्रथम श्रेणी न्यायिक पुलिसकर्मी के रूप में सशक्त किया, जिससे उनके आपराधिक मामलों में अधिकार क्षेत्र का विस्तार हुआ।
हाल ही में, जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने नागरिक न्यायाधीशों को प्रथम श्रेणी न्यायिक पुलिसकर्मी के रूप में कार्य करने का अधिकार दिया। इस निर्णय से नागरिक न्यायाधीशों का अधिकार क्षेत्र विस्तारित हुआ, जिससे वे पहले से बाहर रहे कुछ आपराधिक मामलों को सुन सकते हैं।
इस कदम से राज्य में आपराधिक मामलों के लंबित मामलों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। नागरिक न्यायाधीशों को व्यापक मामलों को संभालने की अनुमति देकर, न्यायालय का उद्देश्य जनता के लिए न्याय की प्रक्रिया को तेज करना है।
यह सशक्तिकरण जम्मू-कश्मीर नागरिक न्यायाधीश अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप है, जिसमें नागरिक न्यायाधीशों की योग्यता और जिम्मेदारियों का विवरण दिया गया है। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नई स्थिति आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद प्रभावी होगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिवर्तन न्यायिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा और जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए न्याय तक पहुँच को बेहतर बनाएगा।
इस कदम से राज्य में आपराधिक मामलों के लंबित मामलों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। नागरिक न्यायाधीशों को व्यापक मामलों को संभालने की अनुमति देकर, न्यायालय का उद्देश्य जनता के लिए न्याय की प्रक्रिया को तेज करना है।
यह सशक्तिकरण जम्मू-कश्मीर नागरिक न्यायाधीश अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप है, जिसमें नागरिक न्यायाधीशों की योग्यता और जिम्मेदारियों का विवरण दिया गया है। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि नई स्थिति आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद प्रभावी होगी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिवर्तन न्यायिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा और जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए न्याय तक पहुँच को बेहतर बनाएगा।