📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
राजनीति
जम्मू-कश्मीर सरकार ने 2026‑27 विंटर दरबार के लिए 158 अधिकारियों को श्रीनगर सिविल सचिवालय में बरकरार रखा
✍️ Daily Excelsior
🗓 01 नव. 2026, 01:17 AM
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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 2026‑27 के विंटर दरबार के दौरान 158 अधिकारियों को श्रीनगर सिविल सचिवालय में बरकरार रखने की सूची जारी की।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने घोषणा की है कि 2026‑27 वित्तीय वर्ष के विंटर दरबार के लिये 158 अधिकारी एवं कर्मचारियों को श्रीनगर सिविल सचिवालय में बरकरार रखा जाएगा। दैनिक एक्सेलसायर द्वारा प्रकाशित इस निर्णय का उद्देश्य मौसमी स्थानांतरण के दौरान सचिवालय के कार्यों में कोई रुकावट न आना है।
इनमें वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक स्टाफ और सहायक कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जिनकी भूमिका दिन‑प्रतिदिन के कार्यों को सुचारु रूप से चलाने में अहम है। कोर टीम को बरकरार रखकर सरकार सेवा वितरण में निरंतरता और नीतियों के कार्यान्वयन में स्थिरता सुनिश्चित करना चाहती है।
विंटर दरबार का स्थानांतरण हर साल किया जाता है, जिससे ठंडे मौसम में कश्मीर घाटी में प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाया जा सके। इस अवधि में बड़ी संख्या में अधिकारियों को बरकरार रखना प्रशासन की स्थिरता और कुशल शासन के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है।
दरबार के विंटर शेड्यूल की प्रक्रियात्मक समझ रखने वाले अधिकारी लॉजिस्टिक व्यवस्था, विभागीय समन्वय और उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या का प्रबंधन करेंगे। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया सुगम होगी और प्रशासनिक कैलेंडर में कोई देरी नहीं होगी।
158 बरकरार रखे जाने वाले कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक की गई है, जिससे सरकार की स्टाफिंग निर्णयों में पारदर्शिता स्पष्ट होती है।
इनमें वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक स्टाफ और सहायक कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जिनकी भूमिका दिन‑प्रतिदिन के कार्यों को सुचारु रूप से चलाने में अहम है। कोर टीम को बरकरार रखकर सरकार सेवा वितरण में निरंतरता और नीतियों के कार्यान्वयन में स्थिरता सुनिश्चित करना चाहती है।
विंटर दरबार का स्थानांतरण हर साल किया जाता है, जिससे ठंडे मौसम में कश्मीर घाटी में प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाया जा सके। इस अवधि में बड़ी संख्या में अधिकारियों को बरकरार रखना प्रशासन की स्थिरता और कुशल शासन के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है।
दरबार के विंटर शेड्यूल की प्रक्रियात्मक समझ रखने वाले अधिकारी लॉजिस्टिक व्यवस्था, विभागीय समन्वय और उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या का प्रबंधन करेंगे। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया सुगम होगी और प्रशासनिक कैलेंडर में कोई देरी नहीं होगी।
158 बरकरार रखे जाने वाले कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक की गई है, जिससे सरकार की स्टाफिंग निर्णयों में पारदर्शिता स्पष्ट होती है।