📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Radomianin
बिज़नेस
जम्मू-कश्मीर के सरकारी विभागों पर बिजली के बकाया ₹4,385 करोड़, पीएचई सबसे आगे
✍️ Kashmir Life
🗓 27 सित. 2026, 11:02 AM
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जम्मू-कश्मीर के सरकारी विभागों पर कुल मिलाकर लगभग ₹4,385 करोड़ का बिजली बकाया है, जिसमें पावर एंड हाइड्रो इंजीनियरिंग विभाग का बकाया सबसे अधिक है, कश्मीर लाइफ ने बताया।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों ने बिजली के बिलों में कुल लगभग ₹4,385 करोड़ का बकाया बना रखा है। यह बकाया राज्य के विद्युत विभाग को मिलने वाले भुगतान में देरी और जुर्माने के कारण बढ़ा है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।
बकाया में सबसे अधिक राशि पावर एंड हाइड्रो इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग की है, जो सभी विभागों में सबसे बड़ा डिफ़ॉल्टर बना है। पीएचई के बकाया में पिछले वित्तीय अवधि की देर से भुगतान और जुर्माने दोनों शामिल हैं।
राज्य विद्युत बोर्ड के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भुगतान में लगातार देरी से बिजली की आपूर्ति में बाधा आ सकती है और बोर्ड कड़े वसूली उपायों पर विचार कर सकता है। कश्मीर लाइफ की रिपोर्ट ने इस वित्तीय स्थिति को उजागर किया है, जिससे सरकारी विभागों में बेहतर वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता स्पष्ट हुई है।
अब तक सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए कोई विशेष कदम नहीं बताया है, लेकिन इस बड़े बकाया को आगामी बजट चर्चा और लेखा परीक्षाओं में प्रमुख मुद्दा माना जा रहा है।
बकाया में सबसे अधिक राशि पावर एंड हाइड्रो इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग की है, जो सभी विभागों में सबसे बड़ा डिफ़ॉल्टर बना है। पीएचई के बकाया में पिछले वित्तीय अवधि की देर से भुगतान और जुर्माने दोनों शामिल हैं।
राज्य विद्युत बोर्ड के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भुगतान में लगातार देरी से बिजली की आपूर्ति में बाधा आ सकती है और बोर्ड कड़े वसूली उपायों पर विचार कर सकता है। कश्मीर लाइफ की रिपोर्ट ने इस वित्तीय स्थिति को उजागर किया है, जिससे सरकारी विभागों में बेहतर वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकता स्पष्ट हुई है।
अब तक सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए कोई विशेष कदम नहीं बताया है, लेकिन इस बड़े बकाया को आगामी बजट चर्चा और लेखा परीक्षाओं में प्रमुख मुद्दा माना जा रहा है।