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26 सित. 2026•
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने पत्रकार कल्याण कोष की अनुपस्थिति की पुष्टि
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramchandra9
राजनीति

जम्मू-कश्मीर सरकार ने पत्रकार कल्याण कोष की अनुपस्थिति की पुष्टि

✍️ Kashmir Life 🗓 26 सित. 2026, 11:33 AM 👁 18
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जम्मू-कश्मीर सरकार ने विधानसभा को बताया कि पत्रकारों के लिए कोई अलग कल्याण कोष नहीं है। भविष्य में नीति निर्माण के लिए इस मुद्दे की समीक्षा की जाएगी।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के एक हालिया सत्र में सरकार के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में पत्रकारों के लिए कोई अलग कल्याण कोष नहीं है। यह बयान विपक्षी विधायकों के प्रश्नों के जवाब में दिया गया, जिन्होंने क्षेत्र में कार्यरत पत्रकारों की वित्तीय सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।

प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कल्याण योजनाएँ मीडिया कर्मियों पर लागू नहीं होतीं, और एक विशेष तंत्र बनाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है। हालांकि कोई स्पष्ट समय‑सीमा नहीं दी गई, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को आगामी बजट चर्चा में शामिल किया जाएगा।

पत्रकार संघों ने पहले भी जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के लिए एक विशेष सुरक्षा जाल की माँग की थी। सरकार की इस स्वीकृति से इस अंतर की पहली औपचारिक पहचान हुई है, परंतु ठोस कदम अभी तय नहीं हुए हैं।

आगे के वित्तीय योजना चरण में संबंधित पक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद विधानसभा इस कोष की स्थापना पर मतदान कर सकती है।

यह विकास जम्मू-कश्मीर में प्रेस की स्वतंत्रता और पेशेवर कल्याण संबंधी चल रहे बहसों को उजागर करता है, और मीडिया पेशेवरों के लिए स्पष्ट नीति समर्थन की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
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