📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
स्वास्थ्य
जम्मू-कश्मीर सरकार ने एयुश बोर्डों को 15.20 लाख रुपये अनुदान दिया
✍️ Daily Excelsior
🗓 22 अग. 2026, 02:03 PM
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जम्मू‑कश्मीर प्रशासन ने एयुश बोर्डों के कार्य समर्थन हेतु 15.20 लाख रुपये का अनुदान जारी किया है।
जम्मू‑कश्मीर सरकार ने एयुश (आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, उन्नी, सिद्ध और होम्योपैथी) बोर्डों के सुदृढ़ीकरण के लिए 15.20 लाख रुपये का अनुदान‑इन‑ऐड जारी किया है। यह राशि प्रशासनिक खर्च, क्षमता‑वृद्धि कार्यक्रम और आवश्यक संसाधनों की खरीद के लिए उपयोग की जाएगी।
राज्य अधिकारियों ने कहा कि यह कदम पारम्परिक भारतीय चिकित्सा प्रणालियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें मुख्यधारा के स्वास्थ्य सेवाओं के साथ एकीकृत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अनुदान अगले कुछ दिनों में संबंधित एयुश बोर्ड खातों में स्थानांतरित किया जाएगा, और उपयोग योजना की निगरानी स्वास्थ्य विभाग करेगा।
यह पहल अन्य राज्यों द्वारा एयुश संस्थानों को दी गई वित्तीय सहायता के समान है, जो वैकल्पिक स्वास्थ्य मार्गों को राष्ट्रीय स्तर पर महत्व देने का संकेत देती है।
एयुश बोर्डों से जुड़े चिकित्सकों और शिक्षकों ने इस वित्तीय समर्थन का स्वागत किया, यह कहते हुए कि इससे बुनियादी ढांचे की कमी दूर होगी और भविष्य के प्रैक्टिशनरों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय इस अनुदान के प्रभाव का मूल्यांकन अपने आगामी त्रैमासिक रिपोर्ट में करेगा, ताकि जम्मू‑कश्मीर में सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार सुनिश्चित हो सके।
राज्य अधिकारियों ने कहा कि यह कदम पारम्परिक भारतीय चिकित्सा प्रणालियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें मुख्यधारा के स्वास्थ्य सेवाओं के साथ एकीकृत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अनुदान अगले कुछ दिनों में संबंधित एयुश बोर्ड खातों में स्थानांतरित किया जाएगा, और उपयोग योजना की निगरानी स्वास्थ्य विभाग करेगा।
यह पहल अन्य राज्यों द्वारा एयुश संस्थानों को दी गई वित्तीय सहायता के समान है, जो वैकल्पिक स्वास्थ्य मार्गों को राष्ट्रीय स्तर पर महत्व देने का संकेत देती है।
एयुश बोर्डों से जुड़े चिकित्सकों और शिक्षकों ने इस वित्तीय समर्थन का स्वागत किया, यह कहते हुए कि इससे बुनियादी ढांचे की कमी दूर होगी और भविष्य के प्रैक्टिशनरों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय इस अनुदान के प्रभाव का मूल्यांकन अपने आगामी त्रैमासिक रिपोर्ट में करेगा, ताकि जम्मू‑कश्मीर में सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार सुनिश्चित हो सके।