📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
सरकारी योजना
जम्मू-कश्मीर मुख्य सचिव ने SBM‑U, AMRUT 2.0 के तहत तेज़ कचरा प्रबंधन की अपील
✍️ Kashmir Life
🗓 26 सित. 2026, 07:17 PM
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जम्मू‑कश्मीर के मुख्य सचिव ने स्वच्छ भारत मिशन‑अर्बन और AMRUT 2.0 के तहत कचरा प्रबंधन व शहरी परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करने की मांग की।
जम्मू‑कश्मीर के मुख्य सचिव ने शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन कार्य को तेज़ करने का निर्देश जारी किया। उन्होंने एक हालिया बयान में बढ़ते नगरपालिका कचरे की मात्रा को उजागर किया और पर्यावरण व स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन‑अर्बन (SBM‑U) और अटल मिशन फॉर रीजनरेशन एंड अर्बन ट्रांसफ़ॉर्मेशन (AMRUT 2.0) के दूसरे चरण को इस पहल के मुख्य ढांचे के रूप में बताया। दोनों योजनाएँ कचरा संग्रहण प्रणाली को आधुनिक बनाने, स्रोत पर अलग‑अलग करने और उपचार सुविधाएँ स्थापित करने के लिए केंद्र‑राज्य निधि प्रदान करती हैं।
अधिकारी ने कहा कि कई शहर अभी भी पुराने डंपिंग प्रथाओं पर निर्भर हैं, जिससे स्वच्छता और पर्यटन क्षमता दोनों प्रभावित होते हैं। SBM‑U और AMRUT 2.0 परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करने से रोजगार सृजन, सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार और राष्ट्रीय स्वच्छता लक्ष्यों के साथ संरेखण होगा।
कार्यान्वयन की समयसीमा अगले बारह महीनों के भीतर निर्धारित की गई है, जिसमें प्रगति की निगरानी और बाधाओं को दूर करने के लिए आवधिक समीक्षा होगी। मुख्य सचिव ने नगरपालिका निकायों से राज्य विभागों और निजी साझेदारों के साथ निकट सहयोग करने का आग्रह किया।
उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन‑अर्बन (SBM‑U) और अटल मिशन फॉर रीजनरेशन एंड अर्बन ट्रांसफ़ॉर्मेशन (AMRUT 2.0) के दूसरे चरण को इस पहल के मुख्य ढांचे के रूप में बताया। दोनों योजनाएँ कचरा संग्रहण प्रणाली को आधुनिक बनाने, स्रोत पर अलग‑अलग करने और उपचार सुविधाएँ स्थापित करने के लिए केंद्र‑राज्य निधि प्रदान करती हैं।
अधिकारी ने कहा कि कई शहर अभी भी पुराने डंपिंग प्रथाओं पर निर्भर हैं, जिससे स्वच्छता और पर्यटन क्षमता दोनों प्रभावित होते हैं। SBM‑U और AMRUT 2.0 परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करने से रोजगार सृजन, सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार और राष्ट्रीय स्वच्छता लक्ष्यों के साथ संरेखण होगा।
कार्यान्वयन की समयसीमा अगले बारह महीनों के भीतर निर्धारित की गई है, जिसमें प्रगति की निगरानी और बाधाओं को दूर करने के लिए आवधिक समीक्षा होगी। मुख्य सचिव ने नगरपालिका निकायों से राज्य विभागों और निजी साझेदारों के साथ निकट सहयोग करने का आग्रह किया।