📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / President's Secretariat
शिक्षा
झारखंड के छात्र नेता महतो ने 24 जिलों में भर्ती सुधार अभियान शुरू किया
✍️ The New Indian Express
🗓 24 अग. 2026, 07:36 AM
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छात्र कार्यकर्ता महतो ने झारखंड के सभी 24 जिलों में भर्ती सुधार अभियान शुरू किया, जिसमें भर्ती प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए एकजुट प्रस्तावों की घोषणा की गई।
झारखंड के छात्र नेता महतो ने "24 जिले, 24 प्रस्ताव, एक आवाज" नामक व्यापक भर्ती सुधार अभियान की घोषणा की, जो राज्य के सभी 24 जिलों में लागू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और अनियमितताओं को दूर करना है।
अभियान के अनुसार, प्रत्येक जिले में एक विशिष्ट प्रस्ताव अपनाया जाएगा, जिसमें मेरिट‑आधारित चयन, समय पर पदों की विज्ञापन, और शिकायत निवारण तंत्र जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। महतो ने कहा कि नौकरी चाहने वाले, विशेषकर नए स्नातकों को समान अवसर मिलने के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक है।
अभियान की शुरुआत जिला मुख्यालयों में सार्वजनिक बैठकों और कार्यशालाओं से होगी, जहाँ स्थानीय छात्र समूह, नागरिक समाज संगठनों और अधिकारियों के बीच सहयोग होगा। महतो ने सरकार को रचनात्मक रूप से जुड़ने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि सुधार रोजगार परिणामों और भर्ती प्रक्रिया में जनता का भरोसा दोनों को बढ़ा सकते हैं।
हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया, यह मानते हुए कि व्यवस्थित सुधारों से भाई‑भतीजावाद कम होगा और विभिन्न क्षेत्रों में भर्ती प्रक्रिया सुगम होगी। अभियान कई हफ्तों तक जारी रहेगा, और प्रत्येक जिले से प्रगति रिपोर्ट अपेक्षित है।
सफल होने पर यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है, जो अपने भर्ती ढाँचे को सुधारने और मेरिटोक्रेसी को बढ़ावा देने की तलाश में हैं।
अभियान के अनुसार, प्रत्येक जिले में एक विशिष्ट प्रस्ताव अपनाया जाएगा, जिसमें मेरिट‑आधारित चयन, समय पर पदों की विज्ञापन, और शिकायत निवारण तंत्र जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। महतो ने कहा कि नौकरी चाहने वाले, विशेषकर नए स्नातकों को समान अवसर मिलने के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक है।
अभियान की शुरुआत जिला मुख्यालयों में सार्वजनिक बैठकों और कार्यशालाओं से होगी, जहाँ स्थानीय छात्र समूह, नागरिक समाज संगठनों और अधिकारियों के बीच सहयोग होगा। महतो ने सरकार को रचनात्मक रूप से जुड़ने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि सुधार रोजगार परिणामों और भर्ती प्रक्रिया में जनता का भरोसा दोनों को बढ़ा सकते हैं।
हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया, यह मानते हुए कि व्यवस्थित सुधारों से भाई‑भतीजावाद कम होगा और विभिन्न क्षेत्रों में भर्ती प्रक्रिया सुगम होगी। अभियान कई हफ्तों तक जारी रहेगा, और प्रत्येक जिले से प्रगति रिपोर्ट अपेक्षित है।
सफल होने पर यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है, जो अपने भर्ती ढाँचे को सुधारने और मेरिटोक्रेसी को बढ़ावा देने की तलाश में हैं।