📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / wittVikki from ranchi, India
स्थानीय
झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पटाखा शोर 125 dB(A) तक सीमित किया
✍️ The Times of India
🗓 25 अक्टू. 2026, 03:03 AM
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झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पटाखों के शोर को 125 dB(A) तक सीमित करने का आदेश दिया, ताकि उत्सव के दौरान अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण को रोका जा सके।
झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (JPCB) ने पटाखों द्वारा उत्पन्न शोर के लिए 125 dB(A) की नई सीमा तय की है। यह सीमा विशेषकर दीवाली जैसे त्यौहारों के दौरान दर्ज होने वाले उच्च ध्वनि स्तर को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि यह कदम राज्य के पर्यावरणीय प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। स्पष्ट संख्यात्मक मानक स्थापित करके स्थानीय अधिकारियों के लिए प्रवर्तन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
बोर्ड ने कहा कि इस नियम के पालन की निगरानी त्यौहार के मौसम में नियमित निरीक्षण और अचानक जांचों के माध्यम से की जाएगी। उल्लंघन करने पर राज्य के प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत दंड निर्धारित किया जा सकता है।
निर्माता और विक्रेता जैसे हितधारकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस नई सीमा का पालन करें और संभव हो तो कम शोर वाले, पर्यावरण‑मित्र पटाखों को प्रोत्साहित करें।
अधिकारियों ने बताया कि यह कदम राज्य के पर्यावरणीय प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। स्पष्ट संख्यात्मक मानक स्थापित करके स्थानीय अधिकारियों के लिए प्रवर्तन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
बोर्ड ने कहा कि इस नियम के पालन की निगरानी त्यौहार के मौसम में नियमित निरीक्षण और अचानक जांचों के माध्यम से की जाएगी। उल्लंघन करने पर राज्य के प्रदूषण नियंत्रण नियमों के तहत दंड निर्धारित किया जा सकता है।
निर्माता और विक्रेता जैसे हितधारकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस नई सीमा का पालन करें और संभव हो तो कम शोर वाले, पर्यावरण‑मित्र पटाखों को प्रोत्साहित करें।