📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
शिक्षा
झारखंड ने पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए 'पथान अभियान 2026' शुरू किया
✍️ jharkhandstatenews.com
🗓 18 सित. 2026, 06:36 AM
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झारखंड सरकार ने पथान अभियान 2026 शुरू किया, जिसका उद्देश्य राज्य में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
झारखंड ने 'पथान अभियान 2026' की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य राज्य भर में पढ़ने को एक जन आंदोलन बनाना है। यह पहल राज्य शिक्षा विभाग के नेतृत्व में स्कूलों, पुस्तकालयों, सामुदायिक केंद्रों और स्थानीय NGOs के सहयोग से पढ़ने के सत्र, पुस्तक मेले और साक्षरता कार्यशालाओं का आयोजन करेगी।
अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से बच्चों और वयस्कों में नियमित पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे समग्र साक्षरता और शैक्षिक परिणामों में सुधार होगा। दूरदराज के गांवों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल पुस्तकालय और पॉप‑अप पढ़ने के कोने स्थापित किए जाएंगे।
सरकार ने शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिक समाज से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है, यह रेखांकित करते हुए कि निरंतर पढ़ने की संस्कृति नागरिकों को सशक्त बना सकती है और राज्य के विकास लक्ष्यों को समर्थन देगी।
विस्तृत समय‑सारणी और बजट आवंटन अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन अभियान के प्रारंभिक चरण कई जिलों में पहले ही शुरू हो चुके हैं और आने वाले हफ्तों में व्यापक रूप से लागू किया जाएगा।
हितधारकों को उम्मीद है कि यह आंदोलन झारखंड के शैक्षिक परिदृश्य पर दीर्घकालिक प्रभाव डालेगा और राष्ट्रीय साक्षरता बढ़ाने के लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से बच्चों और वयस्कों में नियमित पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे समग्र साक्षरता और शैक्षिक परिणामों में सुधार होगा। दूरदराज के गांवों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल पुस्तकालय और पॉप‑अप पढ़ने के कोने स्थापित किए जाएंगे।
सरकार ने शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिक समाज से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है, यह रेखांकित करते हुए कि निरंतर पढ़ने की संस्कृति नागरिकों को सशक्त बना सकती है और राज्य के विकास लक्ष्यों को समर्थन देगी।
विस्तृत समय‑सारणी और बजट आवंटन अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन अभियान के प्रारंभिक चरण कई जिलों में पहले ही शुरू हो चुके हैं और आने वाले हफ्तों में व्यापक रूप से लागू किया जाएगा।
हितधारकों को उम्मीद है कि यह आंदोलन झारखंड के शैक्षिक परिदृश्य पर दीर्घकालिक प्रभाव डालेगा और राष्ट्रीय साक्षरता बढ़ाने के लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाएगा।