📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Flashthomsom
राजनीति
झारखंड उच्च न्यायालय ने बिहार प्रोहिबिशन एवं एक्साइस अधिनियम को अनुपयुक्त घोषित किया
✍️ Live Law
🗓 22 सित. 2026, 07:32 PM
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झारखंड उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि बिहार प्रोहिबिशन एवं एक्साइस अधिनियम झारखंड में लागू नहीं होता, जिससे पहले की निर्भरता को उलट दिया गया।
झारखंड उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि बिहार प्रोहिबिशन एवं एक्साइस अधिनियम झारखंड में लागू नहीं होता, जिससे पहले की निर्भरता को उलट दिया गया।
न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि राज्य के कानून क्षेत्रीय होते हैं और बिना स्पष्ट संवैधानिक या विधायी प्राधिकरण के किसी अन्य राज्य पर लागू नहीं हो सकते, इस प्रकार बिहार अधिनियम का झारखंड में प्रयोग अमान्य हो गया।
इस निर्णय का असर झारखंड में प्रोहिबिशन और एक्साइस नियमों के प्रवर्तन पर पड़ेगा, क्योंकि राज्य को अपने स्वयं के कानूनों और नीतियों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
यह फैसला उन चल रही मामलों की समीक्षा को प्रेरित कर सकता है जो बिहार अधिनियम को संदर्भित करते थे, और राज्य में एक्साइस व प्रोहिबिशन मामलों के निपटान के तरीके में बदलाव ला सकता है।
न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि राज्य के कानून क्षेत्रीय होते हैं और बिना स्पष्ट संवैधानिक या विधायी प्राधिकरण के किसी अन्य राज्य पर लागू नहीं हो सकते, इस प्रकार बिहार अधिनियम का झारखंड में प्रयोग अमान्य हो गया।
इस निर्णय का असर झारखंड में प्रोहिबिशन और एक्साइस नियमों के प्रवर्तन पर पड़ेगा, क्योंकि राज्य को अपने स्वयं के कानूनों और नीतियों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
यह फैसला उन चल रही मामलों की समीक्षा को प्रेरित कर सकता है जो बिहार अधिनियम को संदर्भित करते थे, और राज्य में एक्साइस व प्रोहिबिशन मामलों के निपटान के तरीके में बदलाव ला सकता है।