📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Flashthomsom
नौकरी
जकार्थान उच्च न्यायालय ने 3‑सेकंड देरी से अस्वीकृत दिव्यांग उम्मीदवार की नियुक्ति का आदेश दिया
✍️ The Hawk
🗓 05 नव. 2026, 05:23 AM
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जकार्थान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि 3‑सेकंड देरी से अस्वीकृत दिव्यांग उम्मीदवार की नियुक्ति की जाए।
जकार्थान उच्च न्यायालय ने आज आदेश दिया कि राज्य सरकार को एक दिव्यांग उम्मीदवार को नियुक्त करना चाहिए जिसे 3‑सेकंड की देरी के कारण नौकरी से वंचित किया गया था। न्यायाधीश ने कहा कि यह देरी तकनीकी त्रुटि थी और इसे अयोग्यता का आधार नहीं बनाया जा सकता।
उम्मीदवार, जो व्हीलचेयर पर निर्भर हैं, ने चयन प्रक्रिया के सभी अन्य चरणों को सफलतापूर्वक पूरा किया था। अंतिम शारीरिक परीक्षण के दौरान समय की त्रुटि के कारण उनका समय तीन सेकंड अधिक हो गया, जिसके कारण उन्हें अस्वीकार कर दिया गया।
न्यायालय के निर्णय में यह स्पष्ट किया गया कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून मौजूद है और प्रशासनिक निर्णयों को किसी भी प्रकार की मनमानी या तकनीकी त्रुटि पर आधारित नहीं होना चाहिए। यह आदेश देश भर में इसी तरह के मामलों के लिए मिसाल कायम कर सकता है।
राज्य सरकार ने अभी तक आदेश पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि दिव्यांग अधिकार संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे समावेशी भर्ती प्रथाओं की दिशा में एक कदम माना है।
उम्मीदवार, जो व्हीलचेयर पर निर्भर हैं, ने चयन प्रक्रिया के सभी अन्य चरणों को सफलतापूर्वक पूरा किया था। अंतिम शारीरिक परीक्षण के दौरान समय की त्रुटि के कारण उनका समय तीन सेकंड अधिक हो गया, जिसके कारण उन्हें अस्वीकार कर दिया गया।
न्यायालय के निर्णय में यह स्पष्ट किया गया कि दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून मौजूद है और प्रशासनिक निर्णयों को किसी भी प्रकार की मनमानी या तकनीकी त्रुटि पर आधारित नहीं होना चाहिए। यह आदेश देश भर में इसी तरह के मामलों के लिए मिसाल कायम कर सकता है।
राज्य सरकार ने अभी तक आदेश पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि दिव्यांग अधिकार संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे समावेशी भर्ती प्रथाओं की दिशा में एक कदम माना है।