📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Biswarup Ganguly
राजनीति
झारखंड हाईकोर्ट ने हेमान्त सोरेन की स्टे प्ली को खारिज किया, भूमि मामले में पीएमएलए आरोप बरकरार
✍️ India Today
🗓 19 सित. 2026, 01:32 PM
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झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री हेमान्त सोरेन के विरुद्ध भूमि विवाद में पीएमएलए के आरोपों को स्थगित करने की याचिका खारिज कर दी, जिससे मामला आगे बढ़ेगा।
झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री हेमान्त सोरेन द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने भूमि अधिग्रहण मामले में पीएमएलए के आरोपों पर स्थगन की मांग की थी। यह याचिका एक निजी परियोजना के लिए वन भूमि अधिग्रहण में कथित अनियमितताओं से जुड़ी थी।
सुनवाई के बाद, कोर्ट ने यह पाया कि पीएमएलए की धारा लागू होती है और याचिकाकर्ता ने स्थगन के लिये पर्याप्त कारण नहीं प्रस्तुत किया। इसलिए, आपराधिक प्रक्रिया को बिना किसी रोक के आगे बढ़ाने का आदेश दिया गया।
कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला उच्च प्रोफ़ाइल राजनेताओं के खिलाफ भी एंटी‑मनी‑लॉन्डरिंग कानूनों को लागू करने की न्यायपालिका की तत्परता को दर्शाता है। इस निर्णय से सोरेन को आरोपों का सामना करना पड़ेगा, जो आगामी राज्य चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक प्रभाव डाल सकता है।
सुनवाई के बाद, कोर्ट ने यह पाया कि पीएमएलए की धारा लागू होती है और याचिकाकर्ता ने स्थगन के लिये पर्याप्त कारण नहीं प्रस्तुत किया। इसलिए, आपराधिक प्रक्रिया को बिना किसी रोक के आगे बढ़ाने का आदेश दिया गया।
कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला उच्च प्रोफ़ाइल राजनेताओं के खिलाफ भी एंटी‑मनी‑लॉन्डरिंग कानूनों को लागू करने की न्यायपालिका की तत्परता को दर्शाता है। इस निर्णय से सोरेन को आरोपों का सामना करना पड़ेगा, जो आगामी राज्य चुनावों के संदर्भ में राजनीतिक प्रभाव डाल सकता है।