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अपराध
झारखंड के न्यायालय ने चरमपंथी से विवाह और मुठभेड़ स्थल पर बच्चे के साथ उपस्थिति के कारण सजा को निरस्त किया
✍️ Live Law
🗓 13 जुल. 2026, 05:34 PM
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झारखंड के न्यायालय ने यह निर्णय लिया है कि किसी आरोपी की सजा कायम नहीं रह सकती, क्योंकि उसके चरमपंथी से विवाह और मुठभेड़ स्थल पर बच्चे के साथ उपस्थिति पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
झारखंड के एक न्यायालय ने किसी आरोपी की सजा को निरस्त कर दिया है, यह कहते हुए कि प्रस्तुत साक्ष्य सजा कायम रखने के लिए पर्याप्त नहीं थे। न्यायाधीश ने बताया कि आरोपी का चरमपंथी से विवाह और मुठभेड़ स्थल पर बच्चे के साथ उपस्थिति उसके अपराध से जोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह निर्णय आरोपी के वकील द्वारा दायर याचिका के बाद आया, जिसमें कहा गया कि अभियोजन पक्ष ने आरोपी को अपराध से जोड़ने में विफल रहा। यह फैसला मामले के रिकॉर्ड की समीक्षा का कारण बन सकता है और यदि नया साक्ष्य प्रस्तुत किया जाता है तो पुनः परीक्षण की संभावना खुल सकती है।