जयपुर के खो नगरिया में करीबन 5 महीने पहले पटाखा फैक्ट्री में एक दर्दनाक हादसा हुआ था जिसमें आठ आदमियों की मौत हो गई थी
जनता की नजर में वह आग अभी तक नहीं बुझी लेकिन आज फिर एक गोदाम में अचानक आग लग गई
खो नागोरियान में फिर आग का तांडव, प्रशासन की अनदेखी से लोगों में दहशत!
पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुईं कि अब अवैध कपड़ा कारखाने में लगी भीषण आग, आसपास के मकान भी आए चपेट में।
जयपुर। खो नागोरियान इलाके में आगजनी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड की लपटें अभी लोगों के जहन से निकली भी नहीं थीं कि एक बार फिर कपड़ों के कारखाने में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि आसपास के मकान भी इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया, वहीं अग्निशमन वाहन समय पर नहीं पहुंचने को लेकर लोगों में भारी नाराजगी और भय देखने को मिला।
स्थानीय लोगों के अनुसार खो नागोरियान क्षेत्र में लगातार तीसरी बड़ी आगजनी की घटना सामने आई है। इससे पहले रहीम नगर के कतरन गोदाम में आग लगी थी, उसके बाद पटाखा फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड हुआ था, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी। अब सरकारी स्कूल के पास कतरन गोदाम में आग लगने की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि पुलिस प्रशासन की ओर से पहले करीब 40 गोदामों को सील किया गया था, लेकिन आरोप है कि सील खुलने के बाद कई गोदाम दोबारा संचालित होने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी पुलिस थाने और जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में परिवाद दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है? नगर निगम क्षेत्र का हिस्सा होने के बावजूद खो नागोरियान की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है? क्या प्रशासन को आठ लोगों की मौत के बाद भी सबक नहीं मिला?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस प्रशासन और अग्निशमन विभाग से मांग की है कि आबादी क्षेत्र में चल रहे
पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुईं कि अब अवैध कपड़ा कारखाने में लगी भीषण आग, आसपास के मकान भी आए चपेट में।
जयपुर। खो नागोरियान इलाके में आगजनी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड की लपटें अभी लोगों के जहन से निकली भी नहीं थीं कि एक बार फिर कपड़ों के कारखाने में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि आसपास के मकान भी इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया, वहीं अग्निशमन वाहन समय पर नहीं पहुंचने को लेकर लोगों में भारी नाराजगी और भय देखने को मिला।
स्थानीय लोगों के अनुसार खो नागोरियान क्षेत्र में लगातार तीसरी बड़ी आगजनी की घटना सामने आई है। इससे पहले रहीम नगर के कतरन गोदाम में आग लगी थी, उसके बाद पटाखा फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड हुआ था, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी। अब सरकारी स्कूल के पास कतरन गोदाम में आग लगने की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि पुलिस प्रशासन की ओर से पहले करीब 40 गोदामों को सील किया गया था, लेकिन आरोप है कि सील खुलने के बाद कई गोदाम दोबारा संचालित होने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी पुलिस थाने और जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में परिवाद दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है? नगर निगम क्षेत्र का हिस्सा होने के बावजूद खो नागोरियान की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है? क्या प्रशासन को आठ लोगों की मौत के बाद भी सबक नहीं मिला?
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस प्रशासन और अग्निशमन विभाग से मांग की है कि आबादी क्षेत्र में चल रहे