🔥 TRENDING સાબરકાંઠા પોલીસ ટ્રાફિક ટીમે દિવાળી બજ... અમદાવાદમાં મોટેરા, વસ્ત્રાલ અને હંસપુર... નરોડા, અમદાવાદમાં જન્મદિવસની ઉજવણીમાં... Fact-check: Videos misrepresented as a... West Bengal's New Industrial Policy Of... Bihar Police Seize 176 g Cannabis, Ill...
05 Nov 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
जनसुराज नेत्री ने पटना के विभिन्न कॉलेज का किया दौरा
Politics

जनसुराज नेत्री ने पटना के विभिन्न कॉलेज का किया दौरा

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 11 Sep 2026, 08:56 AM 👁 80
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

जनसुराज नेत्री सह पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र कि भावी उम्मीदवार डॉ दिव्या ज्योति ने पटना के विभिन्न कॉलेज का किया दौरा

पटना से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट

पटना लॉ कॉलेज, पटना साइंस कॉलेज समेत विभिन्न कॉलेजों में शिक्षकों से मिलीं जन सुराज नेत्री डॉ. दिव्य ज्योति

शिक्षकों की समस्याओं पर खुली चर्चा, वर्तमान MLC के प्रति नाराज़गी और आक्रोश साफ दिखा

पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव के मद्देनजर जन सुराज नेत्री एवं पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी डॉ. दिव्य ज्योति ने आज पटना लॉ कॉलेज समेत विभिन्न कॉलेजों का दौरा कर शिक्षक साथियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं, अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की तथा उनकी परेशानियों को गंभीरता से सुना।

इस दौरान शिक्षकों में वर्तमान MLC के कामकाज और प्रतिनिधित्व को लेकर स्पष्ट नाराज़गी और आक्रोश देखने को मिला। शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से उनकी कई समस्याएं लंबित हैं और अब उन्हें ऐसा प्रतिनिधि चाहिए जो सिर्फ आश्वासन न दे, बल्कि उनके हक के लिए निर्णायक संघर्ष करे।

डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि शिक्षकों की आवाज को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। शिक्षक समाज ने अपना प्रतिनिधि इसलिए चुना है कि वह उनकी आवाज को मजबूती से सदन तक पहुंचाए। यदि शिक्षक आज भी अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो वर्तमान प्रतिनिधित्व की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा

“शिक्षकों को प्रतिनिधि चाहिए, मौन दर्शक नहीं। कुर्सी पर बैठना प्रतिनिधित्व नहीं है। प्रतिनिधित्व का मतलब है—शिक्षकों के साथ खड़ा होना, सरकार से सवाल पूछना और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करना।

डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि शिक्षक अब खोखले आश्वासनों और चुनावी वादों से आगे बढ़ चुके हैं। वे अपने प्रतिनिधि से काम का हिसाब चाहते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को यह अधिकार है कि वह पूछे—उनकी समस्याओं के लिए अब तक क्या किया गया और उसका परिणाम क्या निकला?

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों ने शिक्षक समाज के सामने नेतृत्व के विकल्प पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत पैदा कर दी है। अब फैसला शिक्षकों को करना है कि उन्हें ऐसा प्रतिनिधि चाहिए जो केवल पद संभाले या ऐसा नेतृत्व चाहिए जो उनकी आवाज बनकर मजबूती से संघर्ष करे।

डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा

यह चुनाव सिर्फ एक MLC चुनने का चुनाव नहीं है। यह शिक्षक समाज के सम्मान, अधिकार और भविष्य की आवाज चुनने का चुनाव है। इस बार शिक्षक अपना फैसला सोच-समझकर करेंगे और जवाबदेह नेतृत्व को आगे लाएंगे।

उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि शिक्षकों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष किसी परिस्थिति में कमजोर नहीं पड़ेगा। सड़क से लेकर सदन तक शिक्षकों की हर जायज मांग को पूरी ताकत से उठाया जाएगा।

अंत में डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा

“अब चुप रहने का समय खत्म हो चुका है। शिक्षक सवाल पूछेंगे, जवाब मांगेंगे और अपने अधिकारों के लिए निर्णायक आवाज उठाएंगे। बदलाव की शुरुआत शिक्षक समाज के मजबूत और जागरूक फैसले से होगी।”
📲Get App