📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
कृषि
जम्मू‑कश्मीर में सुरक्षित फसल के लिए खतरनाक रसायनों को हटाने की पहल
✍️ Kashmir News Observer
🗓 25 अग. 2026, 01:32 AM
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कश्मीर न्यूज़ ऑब्जर्वर ने बताया कि जम्मू‑कश्मीर में सुरक्षित फसल के लिए खतरनाक रसायनों को हटाने की मांग बढ़ रही है।
जम्मू‑कश्मीर में कृषि क्षेत्र से खतरनाक रसायनों को हटाने की मांग तेज़ी से बढ़ रही है, जैसा कि कश्मीर न्यूज़ ऑब्जर्वर ने उजागर किया। विशेषज्ञों और किसान समूहों का कहना है कि विषाक्त कीटनाशकों व सिंथेटिक उर्वरकों को चरणबद्ध रूप से बंद करने से उपभोक्ता स्वास्थ्य और पहाड़ी पारिस्थितिकी तंत्र दोनों की रक्षा होगी।
यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे सतत कृषि प्रवृत्तियों के साथ मेल खाती है, परन्तु सीमित खेती योग्य भूमि और ऊँची ऊँचाई जैसी स्थानीय विशेषताएँ विशेष समाधान की मांग करती हैं। अधिकारियों द्वारा मौजूदा कीटनाशक लाइसेंसिंग नीतियों की समीक्षा और जैविक विकल्पों के लिए प्रोत्साहन पर विचार किया जा रहा है।
हितधारकों का मानना है कि रासायनिक अवशेषों में कमी से कश्मीरी उत्पादों की बाज़ार में कीमत और निर्यात क्षमता दोनों बढ़ेगी। जबकि ठोस नीतियों पर अभी चर्चा चल रही है, किसान‑उन्मुख प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के साथ क्रमिक परिवर्तन आवश्यक माना गया है।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि यह परिवर्तन केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि आर्थिक भी है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र के लोगों की आजीविका और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों की सुरक्षा है।
यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे सतत कृषि प्रवृत्तियों के साथ मेल खाती है, परन्तु सीमित खेती योग्य भूमि और ऊँची ऊँचाई जैसी स्थानीय विशेषताएँ विशेष समाधान की मांग करती हैं। अधिकारियों द्वारा मौजूदा कीटनाशक लाइसेंसिंग नीतियों की समीक्षा और जैविक विकल्पों के लिए प्रोत्साहन पर विचार किया जा रहा है।
हितधारकों का मानना है कि रासायनिक अवशेषों में कमी से कश्मीरी उत्पादों की बाज़ार में कीमत और निर्यात क्षमता दोनों बढ़ेगी। जबकि ठोस नीतियों पर अभी चर्चा चल रही है, किसान‑उन्मुख प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के साथ क्रमिक परिवर्तन आवश्यक माना गया है।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि यह परिवर्तन केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि आर्थिक भी है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र के लोगों की आजीविका और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों की सुरक्षा है।