📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
जम्मू-कश्मीर वित्त विभाग ने जल शक्ति विभाग के वित्तीय अधिकारों में बदलाव किए
✍️ Kashmir Life
🗓 09 अक्टू. 2026, 01:32 AM
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जम्मू-कश्मीर वित्त विभाग ने जल शक्ति विभाग के वित्तीय अधिकारों में बदलाव कर बजट नियंत्रण और निधि आवंटन को सरल बनाया है।
जम्मू-कश्मीर के वित्त विभाग ने जल शक्ति विभाग को सौंपे गए वित्तीय अधिकारों में आधिकारिक रूप से संशोधन किया है, जैसा कि राज्य पोर्टल पर जारी नोटिस में बताया गया है। इस बदलाव से जल, स्वच्छता और जल संसाधन मंत्रालय के बजट अनुमोदन, निधि वितरण और खर्च निगरानी की सीमा स्पष्ट हुई है।
नए ढांचे के तहत, जल शक्ति विभाग को निर्धारित राशि से अधिक परियोजनाओं के लिए सीधे वित्त विभाग से वित्तीय स्वीकृति लेनी होगी, जबकि नियमित संचालन खर्चों पर उसका मौजूदा अधिकार बरकरार रहेगा। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और राज्य की समग्र वित्तीय नीति के साथ बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह कदम विभागीय वित्तीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने और जल‑संबंधी योजनाओं के कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। संशोधन के तहत निर्धारित सीमा या समय‑सीमा के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
इस संशोधन से जल शक्ति विभाग के चल रहे और भविष्य के कई कार्यक्रमों, जैसे सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और जलधारा प्रबंधन, पर प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि वित्तीय निगरानी कड़ी होगी।
वित्त विभाग जल्द ही सभी संबंधित इकाइयों को विस्तृत दिशा‑निर्देश जारी करेगा ताकि नई वित्तीय प्रक्रिया में सुगम परिवर्तन हो सके।
नए ढांचे के तहत, जल शक्ति विभाग को निर्धारित राशि से अधिक परियोजनाओं के लिए सीधे वित्त विभाग से वित्तीय स्वीकृति लेनी होगी, जबकि नियमित संचालन खर्चों पर उसका मौजूदा अधिकार बरकरार रहेगा। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और राज्य की समग्र वित्तीय नीति के साथ बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि यह कदम विभागीय वित्तीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने और जल‑संबंधी योजनाओं के कार्यान्वयन को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। संशोधन के तहत निर्धारित सीमा या समय‑सीमा के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
इस संशोधन से जल शक्ति विभाग के चल रहे और भविष्य के कई कार्यक्रमों, जैसे सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और जलधारा प्रबंधन, पर प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि वित्तीय निगरानी कड़ी होगी।
वित्त विभाग जल्द ही सभी संबंधित इकाइयों को विस्तृत दिशा‑निर्देश जारी करेगा ताकि नई वित्तीय प्रक्रिया में सुगम परिवर्तन हो सके।