📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Government of Jammu and Kashmir
राजनीति
जम्मू और कश्मीर को अब यूनियन टेरिटरी घोषित, राज्य का दर्जा समाप्त
✍️ India Today
🗓 17 अक्टू. 2026, 04:02 PM
👁 17
भारत की जम्मू और कश्मीर को 2019 में लेख 370 के निरसन के बाद राज्य से यूनियन टेरिटरी घोषित कर दिया गया है। इस बदलाव से शासन केंद्रीकृत हो गया और क्षेत्र का राजनीतिक दर्जा बदल गया।
भारत सरकार ने जम्मू और कश्मीर को राज्य से यूनियन टेरिटरी के रूप में पुनः वर्गीकृत कर दिया है, जो अगस्त 2019 में लेख 370 के निरसन के बाद हुआ। इस बदलाव से क्षेत्र की विशेष स्वायत्तता समाप्त हो गई और इसे केंद्रीय प्रशासन के अंतर्गत लाया गया।
इस पुनः वर्गीकरण के तहत जम्मू और कश्मीर के लिए राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त लिफ्टेनेंट गवर्नर नियुक्त किया जाएगा, और क्षेत्र की विधान सभा भंग कर दी गई है। यूनियन टेरिटरी को केंद्रीय सरकार की नीतियों और निर्देशों के अनुसार शासित किया जाएगा, जैसा कि दिल्ली और पुदुचेरी जैसी अन्य यूनियन टेरिटरीज़ में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों के साथ अधिक घनिष्ठ रूप से एकीकृत करने और सुरक्षा व विकास संबंधी चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस निर्णय पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ आई हैं, कुछ स्थानीय नेताओं ने बदलाव को स्वीकार किया है जबकि अन्य ने स्वायत्तता के नुकसान को लेकर चिंता व्यक्त की है।
भारतीय संसद ने 2019 में जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम पारित किया, जिसके तहत पूर्व राज्य को दो यूनियन टेरिटरीज़ में विभाजित किया गया: जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख। नई स्थिति 31 अक्टूबर 2019 से प्रभावी होगी, और यूनियन टेरिटरी की विधायी सभा के लिए पहली चुनाव 2024 में निर्धारित हैं।
इस पुनः वर्गीकरण के तहत जम्मू और कश्मीर के लिए राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त लिफ्टेनेंट गवर्नर नियुक्त किया जाएगा, और क्षेत्र की विधान सभा भंग कर दी गई है। यूनियन टेरिटरी को केंद्रीय सरकार की नीतियों और निर्देशों के अनुसार शासित किया जाएगा, जैसा कि दिल्ली और पुदुचेरी जैसी अन्य यूनियन टेरिटरीज़ में है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों के साथ अधिक घनिष्ठ रूप से एकीकृत करने और सुरक्षा व विकास संबंधी चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस निर्णय पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ आई हैं, कुछ स्थानीय नेताओं ने बदलाव को स्वीकार किया है जबकि अन्य ने स्वायत्तता के नुकसान को लेकर चिंता व्यक्त की है।
भारतीय संसद ने 2019 में जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम पारित किया, जिसके तहत पूर्व राज्य को दो यूनियन टेरिटरीज़ में विभाजित किया गया: जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख। नई स्थिति 31 अक्टूबर 2019 से प्रभावी होगी, और यूनियन टेरिटरी की विधायी सभा के लिए पहली चुनाव 2024 में निर्धारित हैं।