📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / TheAutumnal
शिक्षा
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में AISA ने फ़िलिस्तीन के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 07 अक्टू. 2026, 11:01 PM
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बुधवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में AISA इकाई ने फ़िलिस्तीन के समर्थन में एकजुटता कार्यक्रम आयोजित किया।
बुधवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की जामिया इकाई ने फ़िलिस्तीन के प्रति एकजुटता जताने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम दिल्ली स्थित विश्वविद्यालय के परिसर में छात्रों, शिक्षकों और आमंत्रित अतिथियों के लिए खुला था।
भाषण में गाज़ा में मानवीय संकट पर प्रकाश डाला गया और हिंसा के अंत की मांग की गई, साथ ही भारतीय सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कड़ी कार्रवाई करने का आह्वान किया गया। उपस्थित लोगों ने एक मिनट का मौन रखा और फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में पोस्टर दिखाए।
यह सभा भारतीय कैंपसों में विदेश नीति संबंधी मुद्दों पर बढ़ती छात्र सक्रियता को दर्शाती है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधिकारिक टिप्पणी नहीं की, पर कार्यक्रम को बिना किसी बाधा के संचालित करने की अनुमति दी, जिससे शांति पूर्ण अभिव्यक्ति की परम्परा को समर्थन मिला।
आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल सहानुभूति का प्रदर्शन है और कैंपस को राजनीतिक रूप से प्रभावित नहीं करना चाहता। उन्होंने सहपाठियों से शांतिपूर्ण तरीकों से जागरूकता बढ़ाने का अनुरोध किया।
यह कार्यक्रम मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के चलते भारत में बढ़ती सामाजिक जागरूकता का हिस्सा है, जहाँ कई शहरों में समान एकजुटता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
भाषण में गाज़ा में मानवीय संकट पर प्रकाश डाला गया और हिंसा के अंत की मांग की गई, साथ ही भारतीय सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कड़ी कार्रवाई करने का आह्वान किया गया। उपस्थित लोगों ने एक मिनट का मौन रखा और फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में पोस्टर दिखाए।
यह सभा भारतीय कैंपसों में विदेश नीति संबंधी मुद्दों पर बढ़ती छात्र सक्रियता को दर्शाती है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधिकारिक टिप्पणी नहीं की, पर कार्यक्रम को बिना किसी बाधा के संचालित करने की अनुमति दी, जिससे शांति पूर्ण अभिव्यक्ति की परम्परा को समर्थन मिला।
आयोजकों ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल सहानुभूति का प्रदर्शन है और कैंपस को राजनीतिक रूप से प्रभावित नहीं करना चाहता। उन्होंने सहपाठियों से शांतिपूर्ण तरीकों से जागरूकता बढ़ाने का अनुरोध किया।
यह कार्यक्रम मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के चलते भारत में बढ़ती सामाजिक जागरूकता का हिस्सा है, जहाँ कई शहरों में समान एकजुटता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।