अपराध
जमुई में नाबालिग लड़की के साथ छेड़खानी और वीडियो वायरल मामले में पुलिस ने तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया
जमुई पुलिस ने नाबालिग लड़की के साथ छेड़खानी और वीडियो वायरल होने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई कर तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया और सोशल मीडिया से संबंधित सामग्री को हटवाया।
जमुई पुलिस ने नाबालिग लड़की के साथ छेड़खानी और वीडियो वायरल होने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए केस संख्या 428/26 के तहत बीएनएस की धारा 74, 75 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 12 के अंतर्गत कार्रवाई की और तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया।
19 सितंबर की शाम लगभग 6:25 बजे नाबालिग लड़की अपने एक मित्र के साथ जमुई‑लखीसराय मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में फोटो खिंचवाने गई थी। उसी समय स्थानीय लड़कों द्वारा उसके साथ छेड़खानी किए जाने की सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत एएसआई को पीड़िता के घर भेजा और उसका बयान दर्ज कराया।
जांच के दौरान पुलिस ने तीन नाबालिग संदिग्धों को निरुद्ध किया और चार अन्य अज्ञात संदिग्धों की संलिप्तता की पुष्टि की। इन चार संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिये संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है।
साथ ही, नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने तथा घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस के प्रयास से अब तक 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 ट्विटर (एक्स) अकाउंट से संबंधित सामग्री को टेकडाउन कराया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पॉक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत नाबालिग की पहचान या वीडियो वायरल करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जनता से अपील की है कि ऐसी संवेदनशील सामग्री को साझा न किया जाए।
19 सितंबर की शाम लगभग 6:25 बजे नाबालिग लड़की अपने एक मित्र के साथ जमुई‑लखीसराय मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में फोटो खिंचवाने गई थी। उसी समय स्थानीय लड़कों द्वारा उसके साथ छेड़खानी किए जाने की सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत एएसआई को पीड़िता के घर भेजा और उसका बयान दर्ज कराया।
जांच के दौरान पुलिस ने तीन नाबालिग संदिग्धों को निरुद्ध किया और चार अन्य अज्ञात संदिग्धों की संलिप्तता की पुष्टि की। इन चार संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिये संभावित ठिकानों पर दबिश जारी है।
साथ ही, नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने तथा घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस के प्रयास से अब तक 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 ट्विटर (एक्स) अकाउंट से संबंधित सामग्री को टेकडाउन कराया गया है।
पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पॉक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत नाबालिग की पहचान या वीडियो वायरल करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जनता से अपील की है कि ऐसी संवेदनशील सामग्री को साझा न किया जाए।