📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SatbirHeer
कृषि
जालंधर में पराली प्रबंधन पर अधिकारियों ने किसानों से की चर्चा
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 31 अक्टू. 2026, 04:39 PM
👁 20
जालंधर के कृषि अधिकारी किसानों से मिलकर पराली प्रबंधन के महत्व पर बल दे रहे हैं।
पिछले हफ़्ते जालंधर में पंजाब कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने किसानों के एक समूह के साथ पराली प्रबंधन के महत्व पर चर्चा करने के लिए बैठक की। यह मुलाक़ात जिला कृषि कार्यालय में आयोजित हुई और फसल अवशेष को खुलेआम जलाने से उत्पन्न पर्यावरणीय और स्वास्थ्य जोखिमों पर केन्द्रित थी।
अधिकारियों ने मल्चिंग, कंपोस्टिंग और ऐसी मशीनरी के उपयोग जैसे विकल्पों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जो पराली को मिट्टी में मिलाकर रख सके। उन्होंने इन तकनीकों को अपनाने वाले किसानों के लिए उपलब्ध सब्सिडी और क्रेडिट योजनाओं का भी उल्लेख किया।
किसानों ने नई तकनीकों की लागत और पारंपरिक प्रथाओं में बदलाव की व्यवहारिकता को लेकर चिंता जताई, पर कई ने सर्दियों में बढ़ते धुंध और धुएँ के दबाव को महसूस किया और इसे कम करने के लाभों को स्वीकार किया।
अधिकारियों ने तकनीकी सहायता जारी रखने और किसानों को विस्तार अधिकारियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया। अगले महीने एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें कम लागत वाली पराली प्रबंधन विधियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
यह संवाद उत्तर भारत में कृषि जलाने से उत्पन्न गंभीर धुंध की समस्या को कम करने के लिए राज्य‑व्यापी प्रयासों का हिस्सा है।
अधिकारियों ने मल्चिंग, कंपोस्टिंग और ऐसी मशीनरी के उपयोग जैसे विकल्पों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जो पराली को मिट्टी में मिलाकर रख सके। उन्होंने इन तकनीकों को अपनाने वाले किसानों के लिए उपलब्ध सब्सिडी और क्रेडिट योजनाओं का भी उल्लेख किया।
किसानों ने नई तकनीकों की लागत और पारंपरिक प्रथाओं में बदलाव की व्यवहारिकता को लेकर चिंता जताई, पर कई ने सर्दियों में बढ़ते धुंध और धुएँ के दबाव को महसूस किया और इसे कम करने के लाभों को स्वीकार किया।
अधिकारियों ने तकनीकी सहायता जारी रखने और किसानों को विस्तार अधिकारियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया। अगले महीने एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें कम लागत वाली पराली प्रबंधन विधियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
यह संवाद उत्तर भारत में कृषि जलाने से उत्पन्न गंभीर धुंध की समस्या को कम करने के लिए राज्य‑व्यापी प्रयासों का हिस्सा है।