📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / binderdosanj
स्थानीय
जालंधर में रिश्वतखोरी के दुष्प्रभावों पर जागरूकता अभियान शुरू
✍️ Amar Ujala · Jalandhar
🗓 01 नव. 2026, 05:46 PM
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जालंधर के स्थानीय अधिकारियों ने रिश्वतखोरी के सामाजिक और आर्थिक नुकसानों को उजागर करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया।
जालंधर के नगरपालिका अधिकारियों ने सोमवार को एक विरोधी‑रिश्वतखोरी जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य नागरिकों को भ्रष्टाचार के व्यापक प्रभावों के बारे में शिक्षित करना है। यह कार्यक्रम शहर के सिविक सेंटर में आयोजित हुआ, जहाँ वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि रिश्वतखोरी सार्वजनिक विश्वास को कमजोर करती है और आर्थिक विकास में बाधा बनती है।
अभियान के तहत सूचना पत्रक वितरित किए जा रहे हैं, सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए जा रहे हैं और छात्रों, दुकानदारों तथा सरकारी कर्मचारियों को लक्षित करने के लिए छोटे‑छोटे सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही एक सहायता डेस्क भी स्थापित किया गया है जहाँ नागरिक रिश्वत की मांग या भुगतान की घटनाओं की रिपोर्ट कर सकते हैं।
प्राधिकारियों का मानना है कि इस पहल से भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिलेगी, क्योंकि यह रिश्वत के वास्तविक खर्चों को समुदाय के सामने लाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे पारदर्शिता के उपायों में सहयोग दें और इस संदेश को सोशल मीडिया व स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से फैलाएँ।
यह अभियान पंजाब में पारदर्शिता को बढ़ाने के व्यापक प्रयासों के साथ तालमेल रखता है, जिसमें हालिया राज्य‑स्तर की सुधारों के तहत लेन‑देन को डिजिटल बनाना और सरकारी अनुबंधों की निगरानी को कड़ा करना शामिल है।
अभियान के तहत सूचना पत्रक वितरित किए जा रहे हैं, सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए जा रहे हैं और छात्रों, दुकानदारों तथा सरकारी कर्मचारियों को लक्षित करने के लिए छोटे‑छोटे सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही एक सहायता डेस्क भी स्थापित किया गया है जहाँ नागरिक रिश्वत की मांग या भुगतान की घटनाओं की रिपोर्ट कर सकते हैं।
प्राधिकारियों का मानना है कि इस पहल से भ्रष्टाचार को रोकने में मदद मिलेगी, क्योंकि यह रिश्वत के वास्तविक खर्चों को समुदाय के सामने लाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे पारदर्शिता के उपायों में सहयोग दें और इस संदेश को सोशल मीडिया व स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से फैलाएँ।
यह अभियान पंजाब में पारदर्शिता को बढ़ाने के व्यापक प्रयासों के साथ तालमेल रखता है, जिसमें हालिया राज्य‑स्तर की सुधारों के तहत लेन‑देन को डिजिटल बनाना और सरकारी अनुबंधों की निगरानी को कड़ा करना शामिल है।