📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
मनोरंजन
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल‑2027 की पहली सूची जारी, नोबेल विजेताओं के साथ
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 09 अक्टू. 2026, 09:31 PM
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20वें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आरम्भ 14 जनवरी 2027 से होगा; आयोजकों ने पहली वक्ता सूची जारी की है, जिसमें नोबेल विजेता एस्थर डुफ्लो, ओल्गा टोकार्चुक और कई अंतरराष्ट्रीय व भारतीय साहित्यकार शामिल हैं।
जयपुर 14 जनवरी 2027 से अपने 20वें लिटरेचर फेस्टिवल का आयोजन करेगा, जिससे शहर की दो दशकों पुरानी वार्षिक पुस्तक‑साहित्य सभा का एक और मील का पत्थर स्थापित होगा। यह महोत्सव राजस्थान सरकार और स्थानीय सांस्कृतिक संस्थाओं के सहयोग से आयोजित हो रहा है और विश्व भर के पाठकों, लेखकों तथा विद्वानों को आकर्षित करने की उम्मीद है।
आज जारी की गई पहली वक्ता सूची में नोबेल पुरस्कार विजेताओं के साथ कई अंतरराष्ट्रीय लेखक, वैज्ञानिक, कलाकार और प्रमुख भारतीय साहित्यकार शामिल हैं। अर्थशास्त्री एवं नोबेल शांति पुरस्कार विजेता एस्थर डुफ्लो और नोबेल साहित्य पुरस्कार विजेता ओल्गा टोकार्चुक प्रमुख नामों में हैं, जो मंच पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
आयोजकों ने सूची की विविधता पर बल दिया, यह कहा कि फेस्टिवल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों और देशों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करना है। वैज्ञानिक और साहित्यिक आवाज़ों का साथ मिलना ज्ञान, रचनात्मकता और सामाजिक परिवर्तन के संगम को उजागर करता है।
सूची सार्वजनिक होने के बाद, प्रतिभागियों और प्रकाशकों में उत्सुकता बढ़ गई है, जो जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल को दक्षिण एशिया में बौद्धिक आदान‑प्रदान और नई कृतियों के लॉन्च का प्रमुख मंच मानते हैं।
आज जारी की गई पहली वक्ता सूची में नोबेल पुरस्कार विजेताओं के साथ कई अंतरराष्ट्रीय लेखक, वैज्ञानिक, कलाकार और प्रमुख भारतीय साहित्यकार शामिल हैं। अर्थशास्त्री एवं नोबेल शांति पुरस्कार विजेता एस्थर डुफ्लो और नोबेल साहित्य पुरस्कार विजेता ओल्गा टोकार्चुक प्रमुख नामों में हैं, जो मंच पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
आयोजकों ने सूची की विविधता पर बल दिया, यह कहा कि फेस्टिवल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों और देशों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करना है। वैज्ञानिक और साहित्यिक आवाज़ों का साथ मिलना ज्ञान, रचनात्मकता और सामाजिक परिवर्तन के संगम को उजागर करता है।
सूची सार्वजनिक होने के बाद, प्रतिभागियों और प्रकाशकों में उत्सुकता बढ़ गई है, जो जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल को दक्षिण एशिया में बौद्धिक आदान‑प्रदान और नई कृतियों के लॉन्च का प्रमुख मंच मानते हैं।