🔥 ट्रेंडिंग સાવરકુંડલાના મહિલા અધ્યાપન મંદિરમાં વ્... વોર્ડ 12, અટલાદરામાં કાશીબા બાળવાડીની... गांधीनगर के श्री झूलेलाल मंदिर में 58व... आमोदा येथील तलाठी एक हजाराची लाच घेतान... બિલપાડ ગ્રામ પંચાયતમાં પીવાના પાણીની ત... અમરેલી નગરપાલિકા પ્રમુખે હરિ રોડ પર રા...
07 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
जबलपुर हाईकोर्ट ने 30 साल पुराने 300 रुपये के रिश्वत मामले में पटवारी को बरकरार राहत दी
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
अपराध

जबलपुर हाईकोर्ट ने 30 साल पुराने 300 रुपये के रिश्वत मामले में पटवारी को बरकरार राहत दी

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 30 सित. 2026, 01:00 PM 👁 33
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकार की अपील खारिज कर दी, निचली अदालत के पटवारी को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा।

जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार की अपील को खारिज कर दिया, जिससे निचली अदालत द्वारा पटवारी को बरी करने का फैसला बरकरार रहा। अदालत ने कहा कि 300 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में पटवारी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले थे, इसलिए वह मुक्त किया गया।

यह मामला लगभग तीन दशकों पुराना है, जब पटवारी पर जमीन के अभिलेख में बदलाव के बदले छोटे पैमाने पर नकद भुगतान लेने का आरोप लगा था। लंबी सुनवाई के बाद निचली अदालत ने साक्ष्यों की कमी को देखते हुए उसे बरी कर दिया, पर सरकार ने इस फैसले को चुनौती दी।

उच्च न्यायालय ने यह कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में समय की लंबाई चाहे जितनी भी हो, आरोप सिद्ध करने का भार हमेशा पक्ष में रहता है। इस फैसले से एक लंबे समय तक चल रहे विवाद को अंत मिला है।

अब कोई आगे की कानूनी कार्रवाई का संकेत नहीं मिला है, और पूर्व पटवारी को इस आपराधिक आरोप से पूरी तरह मुक्त माना गया है।
📲Get App