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जबलपुर हाईकोर्ट ने 6,000 रुपये भरण-पोषण आदेश रद्द, अवैध संबंधों के साक्ष्य की जाँच आवश्यक
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
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जबलपुर हाईकोर्ट ने 6,000 रुपये भरण-पोषण आदेश रद्द, अवैध संबंधों के साक्ष्य की जाँच आवश्यक

✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh 🗓 18 अग. 2026, 04:48 PM 👁 52
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जबलपुर हाईकोर्ट ने छतरपुर पारिवारिक न्यायालय के 6,000 रुपये मासिक भरण-पोषण आदेश को रद्द कर दिया, अवैध संबंधों के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की जाँच अनिवार्य बताई।

जबलपुर हाईकोर्ट ने आज छतरपुर पारिवारिक न्यायालय द्वारा जारी 6,000 रुपये मासिक भरण-पोषण आदेश को रद्द कर दिया। यह निर्णय तब लिया गया जब उच्च न्यायालय ने पाया कि पत्नी के कथित अवैध संबंधों से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य अभी तक जाँचे नहीं गये हैं।

हाईकोर्ट ने कहा कि भरण-पोषण के फैसले के लिये सभी प्रासंगिक साक्ष्यों, विशेषकर डिजिटल रिकॉर्ड्स, की पूरी जाँच अनिवार्य है। अतः आदेश को तब तक निलंबित रखा जाएगा जब तक कि साक्ष्यों का निरीक्षण न हो जाए।

इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जाँच के बाद नया निर्णय दिया जाएगा। पक्षकारों को अगले कदमों के बारे में सूचित किया जाएगा।

इस रद्दीकरण से स्पष्ट होता है कि पारिवारिक न्यायालय के मामलों में उचित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है और उच्च न्यायालय बिना पूर्ण तथ्यात्मक आधार के वित्तीय आदेश लागू नहीं करेगा।
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