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इंदौर: एमजी रोड और पलासिया-हाईकोर्ट मार्ग पर ई-रिक्शा प्रतिबंधित, हाई-डेंसिटी कॉरिडोर घोषित
शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। एमजी रोड और पलासिया से हाईकोर्ट तक के मार्ग को हाई-डेंसिटी कॉरिडोर घोषित कर ई-रिक्शा संचालन पर रोक लगा दी गई है।
इंदौर शहर में यातायात की गंभीर समस्या को देखते हुए जिला सड़क सुरक्षा समिति ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में एमजी रोड और पलासिया से हाईकोर्ट तक के मार्ग को हाई-डेंसिटी कॉरिडोर घोषित किया गया है। इस पूरे क्षेत्र में अब ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
समिति ने यह निर्णय शहर में ई-रिक्शा के बेतरतीब संचालन और जाम की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए लिया है। वर्तमान में ई-रिक्शा चालकों के लिए न तो कोई स्थाई स्टैंड निर्धारित है और न ही कोई स्पष्ट नियमावली, जिसके कारण वे प्रमुख चौराहों पर वाहन रोककर यातायात बाधित करते हैं।
बैठक में यह भी तय हुआ कि पुराने बीआरटीएस कॉरिडोर सहित शहर के अन्य व्यस्ततम मार्गों पर भी ई-रिक्शा के आवागमन को नियंत्रित किया जाएगा। इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए ऑटो चालक संघ, ई-रिक्शा संघ और सीएनजी ऑटो संघ के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
ऑटो चालक संघ के प्रतिनिधि राजेश बिड़कर ने बैठक में बताया कि शहर में लगभग 11,500 ई-रिक्शा चल रहे हैं, जबकि परिवहन विभाग से केवल 2,500 को ही सिटी परमिट मिला है। परमिट व्यवस्था और नियमों के अभाव पर भी सवाल उठाए गए। प्रशासन को उम्मीद है कि इस निर्णय से शहर के मुख्य मार्गों पर लगने वाले जाम से काफी हद तक निजात मिलेगी।
समिति ने यह निर्णय शहर में ई-रिक्शा के बेतरतीब संचालन और जाम की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए लिया है। वर्तमान में ई-रिक्शा चालकों के लिए न तो कोई स्थाई स्टैंड निर्धारित है और न ही कोई स्पष्ट नियमावली, जिसके कारण वे प्रमुख चौराहों पर वाहन रोककर यातायात बाधित करते हैं।
बैठक में यह भी तय हुआ कि पुराने बीआरटीएस कॉरिडोर सहित शहर के अन्य व्यस्ततम मार्गों पर भी ई-रिक्शा के आवागमन को नियंत्रित किया जाएगा। इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए ऑटो चालक संघ, ई-रिक्शा संघ और सीएनजी ऑटो संघ के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
ऑटो चालक संघ के प्रतिनिधि राजेश बिड़कर ने बैठक में बताया कि शहर में लगभग 11,500 ई-रिक्शा चल रहे हैं, जबकि परिवहन विभाग से केवल 2,500 को ही सिटी परमिट मिला है। परमिट व्यवस्था और नियमों के अभाव पर भी सवाल उठाए गए। प्रशासन को उम्मीद है कि इस निर्णय से शहर के मुख्य मार्गों पर लगने वाले जाम से काफी हद तक निजात मिलेगी।