📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Oishik Bhattacharjee
मनोरंजन
आईटीसी एसआरए ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष मनाए, 'देश एक राग 3' के साथ
✍️ IMPACT Magazine
🗓 14 अग. 2026, 03:49 PM
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आईटीसी एसआरए ने वंदे मातरम् के 150वें वर्षगांठ पर 'देश एक राग 3' कार्यक्रम के साथ जश्न मनाया, जिसमें संगीत कार्यक्रम और भाषण शामिल थे।
आईटीसी एसआरए, आईटीसी समूह की मीडिया शाखा, ने "देश एक राग 3" नामक कार्यक्रम का आयोजन किया ताकि वंदे मातरम् के 150वें वर्षगांठ का जश्न मनाया जा सके। इस कार्यक्रम में संगीतकारों, गायक और सांस्कृतिक कलाकारों ने इस ऐतिहासिक गीत और अन्य देशभक्ति रचनाओं का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने वंदे मातरम् के स्वतंत्रता संग्राम में महत्व और आज भी राष्ट्रीय गर्व को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को आईटीसी एसआरए के टेलीविजन चैनलों पर लाइव प्रसारित किया गया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम किया गया, जिससे व्यापक दर्शकों तक पहुँच बना।
इस मील के पत्थर का जश्न मनाकर, आईटीसी एसआरए ने दर्शकों और श्रोताओं में देशभक्ति की भावना को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा, जिससे 1870 में पहली बार प्रकाशित इस गीत की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत किया जा सके। कार्यक्रम को पारंपरिक और समकालीन प्रस्तुतियों के मिश्रण के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
इस कार्यक्रम को कई मीडिया आउटलेट्स ने कवर किया, जिससे आईटीसी एसआरए की राष्ट्रीय विरासत को बढ़ावा देने में भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने वंदे मातरम् के स्वतंत्रता संग्राम में महत्व और आज भी राष्ट्रीय गर्व को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को आईटीसी एसआरए के टेलीविजन चैनलों पर लाइव प्रसारित किया गया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम किया गया, जिससे व्यापक दर्शकों तक पहुँच बना।
इस मील के पत्थर का जश्न मनाकर, आईटीसी एसआरए ने दर्शकों और श्रोताओं में देशभक्ति की भावना को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा, जिससे 1870 में पहली बार प्रकाशित इस गीत की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत किया जा सके। कार्यक्रम को पारंपरिक और समकालीन प्रस्तुतियों के मिश्रण के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
इस कार्यक्रम को कई मीडिया आउटलेट्स ने कवर किया, जिससे आईटीसी एसआरए की राष्ट्रीय विरासत को बढ़ावा देने में भूमिका पर प्रकाश डाला गया।