📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mayank.hc
नौकरी
एसपी पद से हटे IPS अधिकारी अनुराग सुजानिया ने इस्तीफा दिया
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 04 नव. 2026, 11:00 PM
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मध्य प्रदेश के IPS अधिकारी अनुराग सुजानिया ने एसपी पद से हटे चार दिन बाद इस्तीफा दे दिया, उनके कार्यकाल में मुरैना‑सागर में जहरीली शराब से मौतें हुई थीं।
मध्य प्रदेश के 2014 बैच के IPS अधिकारी अनुराग सुजानिया ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया, यह कदम उन्होंने सागर में सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) पद से हटाए जाने के चार दिन बाद उठाया। इस्तीफा लिखित रूप में गृह विभाग को सौंपा गया, जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत कारणों और सक्रिय सेवा से दूर रहने की इच्छा बताई है।
उनकी हटाने की पृष्ठभूमि में मुरैना और सागर में जहरीली शराब से हुई कई मौतें थीं, जिनमें कई लोगों की जान गई। यह घटनाक्रम राज्य के बेकायदा शराब विरोधी टास्क‑फ़ोर्स की जांच को तीव्र कर गया और पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाए।
सुजानिया ने पहले विभिन्न जिलों में सहायक सुपरिंटेंडेंट के रूप में कार्य किया है और अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। उनके अचानक इस्तीफे ने देश भर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हालिया इस्तीफे की लहर में नया मोड़ जोड़ा है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने के दबाव को दर्शाता है।
राज्य सरकार ने इस इस्तीफे पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है और न ही किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सूचना दी गई है। गृह विभाग ने कहा कि सेवा नियमों के अनुसार इस्तीफे को प्रोसेस किया जाएगा।
यह घटना भारत के कई हिस्सों में बेकायदा शराब संचालन को नियंत्रित करने में पुलिस नेतृत्व को मिलने वाली चुनौतियों को उजागर करती है और संकट स्थितियों में प्रशासनिक जवाबदेही के प्रश्न उठाती है।
उनकी हटाने की पृष्ठभूमि में मुरैना और सागर में जहरीली शराब से हुई कई मौतें थीं, जिनमें कई लोगों की जान गई। यह घटनाक्रम राज्य के बेकायदा शराब विरोधी टास्क‑फ़ोर्स की जांच को तीव्र कर गया और पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाए।
सुजानिया ने पहले विभिन्न जिलों में सहायक सुपरिंटेंडेंट के रूप में कार्य किया है और अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। उनके अचानक इस्तीफे ने देश भर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हालिया इस्तीफे की लहर में नया मोड़ जोड़ा है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदाओं से निपटने के दबाव को दर्शाता है।
राज्य सरकार ने इस इस्तीफे पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है और न ही किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की सूचना दी गई है। गृह विभाग ने कहा कि सेवा नियमों के अनुसार इस्तीफे को प्रोसेस किया जाएगा।
यह घटना भारत के कई हिस्सों में बेकायदा शराब संचालन को नियंत्रित करने में पुलिस नेतृत्व को मिलने वाली चुनौतियों को उजागर करती है और संकट स्थितियों में प्रशासनिक जवाबदेही के प्रश्न उठाती है।