📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति
ओडिशा के राज्यपाल के एडीसी पद पर आईपीएस अनुज शिवा मारुति रेड्डी नियुक्त
✍️ Kanak News Odisha
🗓 25 अग. 2026, 03:05 AM
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ओडिशा के राज्यपाल ने आईपीएस अधिकारी अनुज शिवा मारुति रेड्डी को अपना नया अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीसी) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति राज्य प्रशासन ने घोषित की।
ओडिशा के राज्यपाल के कार्यालय ने आईपीएस अधिकारी अनुज शिवा मारुति रेड्डी को नया अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीसी) नियुक्त किया है। यह निर्णय राज्य प्रशासन द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सार्वजनिक किया गया, जिसमें गवर्नर के वरिष्ठ स्टाफ में बदलाव की पुष्टि की गई।
अनुज शिवा मारुति रेड्डी, एक वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी, अब राज्यपाल की प्रशासनिक और समारोहिक कार्यों में सहायता करेंगे। एडीसी का काम राज्यपाल के कार्यक्रमों का समन्वय, आधिकारिक यात्राओं की व्यवस्था और प्रोटोकॉल मामलों की देखरेख करना शामिल है।
यह नियुक्ति नियमित प्रशासनिक पुनर्गठन के हिस्से के रूप में की गई है, जिसका उद्देश्य गवर्नर के समर्थन दल को सुदृढ़ बनाना है। विज्ञप्ति में कार्यकाल या अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि नया एडीसी तुरंत पदभार संभालेगा, जिससे पूर्व पदाधिकारी से सुगम परिवर्तन सुनिश्चित हो सके। इस चयन के मानदंडों पर राज्यपाल के कार्यालय ने आगे कोई टिप्पणी नहीं की।
यह कदम राज्य की संवैधानिक संरचना में अनुभवी सिविल सेवकों को महत्वपूर्ण संपर्क पदों पर स्थापित करने के सरकार के फोकस को दर्शाता है।
अनुज शिवा मारुति रेड्डी, एक वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी, अब राज्यपाल की प्रशासनिक और समारोहिक कार्यों में सहायता करेंगे। एडीसी का काम राज्यपाल के कार्यक्रमों का समन्वय, आधिकारिक यात्राओं की व्यवस्था और प्रोटोकॉल मामलों की देखरेख करना शामिल है।
यह नियुक्ति नियमित प्रशासनिक पुनर्गठन के हिस्से के रूप में की गई है, जिसका उद्देश्य गवर्नर के समर्थन दल को सुदृढ़ बनाना है। विज्ञप्ति में कार्यकाल या अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि नया एडीसी तुरंत पदभार संभालेगा, जिससे पूर्व पदाधिकारी से सुगम परिवर्तन सुनिश्चित हो सके। इस चयन के मानदंडों पर राज्यपाल के कार्यालय ने आगे कोई टिप्पणी नहीं की।
यह कदम राज्य की संवैधानिक संरचना में अनुभवी सिविल सेवकों को महत्वपूर्ण संपर्क पदों पर स्थापित करने के सरकार के फोकस को दर्शाता है।