📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shafiqul Islam Shiplu
राजनीति
कोल्हापुर में गोकुळ अध्यक्ष पद के सत्तासंघर्ष में तेज़ पोस्टरबाजी
✍️ News18 Marathi
🗓 07 नव. 2026, 05:52 PM
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कोल्हापुर में गोकुळ अध्यक्ष पद के लिए प्रतिस्पर्धी समूहों के समर्थकों ने आगामी मोर्चे से पहले शहर भर में पोस्टर लगा कर सत्तासंघर्ष को तीव्र कर दिया है।
कोल्हापुर, महाराष्ट्र में गोकुळ संगठन के अध्यक्ष पद के लिए तीव्र सत्तासंघर्ष छिड़ गया है। दो प्रतिद्वंद्वी समूह इस प्रमुख पद को हासिल करने के लिए एक-दूसरे के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, जबकि एक सार्वजनिक मोर्चा भी नियोजित है।
आगामी मोर्चे से पहले दोनों पक्षों के समर्थकों ने शहर के प्रमुख सड़कों, बाजारों और सूचना बोर्डों पर पोस्टर, बैनर और नारे लगाकर एक व्यापक पोस्टरबाजी शुरू कर दी है। यह दृश्य अभियान जमीनी समर्थन जुटाने और स्थानीय राजनीतिक माहौल में प्रभुत्व स्थापित करने का उद्देश्य रखता है।
इस सप्ताह के अंत में आयोजित होने वाले मोर्चे में आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग आने की उम्मीद है। आयोजकों ने एजेंडा के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, परन्तु इस तीव्र प्रचार से यह स्पष्ट होता है कि अध्यक्ष पद के लिए दांव बहुत ऊँचा है।
स्थानीय प्राधिकरणों को इस सभा के बारे में सूचित किया गया है और पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है। अब तक कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है, और ध्यान मुख्य रूप से अध्यक्ष पद के लिए चल रहे राजनीतिक खेल पर है।
इस अंतर-संगठनात्मक संघर्ष का परिणाम गोकुळ समूह की नेतृत्व संरचना को पुनः आकार दे सकता है, जिससे उसके भविष्य के कार्यों और सामुदायिक संपर्क पर असर पड़ेगा।
आगामी मोर्चे से पहले दोनों पक्षों के समर्थकों ने शहर के प्रमुख सड़कों, बाजारों और सूचना बोर्डों पर पोस्टर, बैनर और नारे लगाकर एक व्यापक पोस्टरबाजी शुरू कर दी है। यह दृश्य अभियान जमीनी समर्थन जुटाने और स्थानीय राजनीतिक माहौल में प्रभुत्व स्थापित करने का उद्देश्य रखता है।
इस सप्ताह के अंत में आयोजित होने वाले मोर्चे में आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग आने की उम्मीद है। आयोजकों ने एजेंडा के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है, परन्तु इस तीव्र प्रचार से यह स्पष्ट होता है कि अध्यक्ष पद के लिए दांव बहुत ऊँचा है।
स्थानीय प्राधिकरणों को इस सभा के बारे में सूचित किया गया है और पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है। अब तक कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है, और ध्यान मुख्य रूप से अध्यक्ष पद के लिए चल रहे राजनीतिक खेल पर है।
इस अंतर-संगठनात्मक संघर्ष का परिणाम गोकुळ समूह की नेतृत्व संरचना को पुनः आकार दे सकता है, जिससे उसके भविष्य के कार्यों और सामुदायिक संपर्क पर असर पड़ेगा।