📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish Gupta from Noida, India
स्थानीय
इंदौर जल‑प्रदूषण जांच में 8 अधिकारियों को दोषी ठहराया
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 01 अक्टू. 2026, 03:15 PM
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भागीरथपुरा जल‑प्रदूषण जांच में जनप्रतिनिधियों को साफ़ किया गया, पर 8 अधिकारियों को लापरवाही और पाइपलाइन बदलने में देरी के लिए दोषी ठहराया गया।
भागीरथपुरा जल‑प्रदूषण कांड पर जारी जांच रिपोर्ट में इंदौर के सभी जनप्रतिनिधियों को साफ़ किया गया है, जबकि आठ अधिकारियों को लापरवाही और पाइपलाइन बदलने में देरी के लिए दोषी ठहराया गया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि दोषपूर्ण पाइपलाइन को बदलने में देरी के कारण दूषित पानी घरों तक पहुँचता रहा, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ा। अधिकारियों ने बार‑बार चेतावनी के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की।
इन निष्कर्षों के बाद शहर की जल‑सप्लाई नीतियों की समीक्षा की जाएगी और नामित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना है। रिपोर्ट ने भविष्य में ऐसी घटनाओं के लिए कड़ी निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की सिफारिश की है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि दोषपूर्ण पाइपलाइन को बदलने में देरी के कारण दूषित पानी घरों तक पहुँचता रहा, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ा। अधिकारियों ने बार‑बार चेतावनी के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की।
इन निष्कर्षों के बाद शहर की जल‑सप्लाई नीतियों की समीक्षा की जाएगी और नामित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना है। रिपोर्ट ने भविष्य में ऐसी घटनाओं के लिए कड़ी निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की सिफारिश की है।