📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
स्थानीय
इंदौर कलेक्टर ने पीओपी व रासायनिक रंगों की मूर्तियों पर 18 अक्टूबर 2026 तक प्रतिबंध लगाया
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 20 अग. 2026, 07:35 AM
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कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए इंदौर में पीओपी और रासायनिक रंगों की मूर्तियों पर 18 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।
इंदौर जिले के कलेक्टर शिवम वर्मा ने पर्यावरण सुरक्षा के तहत एक नई दिशा-निर्देश जारी किया, जिसमें पीओपी (पॉलीप्रोपिलीन) और रासायनिक रंगों से बनी मूर्तियों के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर 18 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह आदेश प्रदूषण नियंत्रण के तहत लागू किया गया है।
इस प्रतिबंध में कार्यशालाओं से लेकर खुदरा दुकानों और लॉजिस्टिक कंपनियों तक सभी स्तर शामिल हैं। उल्लंघन करने पर मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार दंड लगाया जाएगा, और निरीक्षण दलों को शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में जांच करने का निर्देश दिया गया है।
पीओपी मूर्तियों पर निर्भर कई कारीगर और विक्रेता, जो त्यौहारों व सार्वजनिक कार्यक्रमों में इनका उपयोग करते हैं, को पर्यावरण‑मित्र विकल्प जैसे मिट्टी, लकड़ी और बायोडिग्रेडेबल सामग्री अपनाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने संक्रमण को आसान बनाने के लिये तकनीकी मार्गदर्शन और प्रमाणित हरित सामग्री आपूर्तिकर्ताओं से जोड़ने का वादा किया है।
मौजूदा पीओपी मूर्तियों के निपटान के लिये भी विशेष दिशा‑निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें उन्हें निर्धारित संग्रह बिंदुओं पर जमा करने की अपील की गई है, ताकि अवैध निपटान से बचा जा सके। यह कदम इंदौर के वायु और ठोस अपशिष्ट प्रदूषण को कम करने तथा स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों के साथ तालमेल रखने के लिये उठाया गया है।
इस प्रतिबंध में कार्यशालाओं से लेकर खुदरा दुकानों और लॉजिस्टिक कंपनियों तक सभी स्तर शामिल हैं। उल्लंघन करने पर मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार दंड लगाया जाएगा, और निरीक्षण दलों को शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में जांच करने का निर्देश दिया गया है।
पीओपी मूर्तियों पर निर्भर कई कारीगर और विक्रेता, जो त्यौहारों व सार्वजनिक कार्यक्रमों में इनका उपयोग करते हैं, को पर्यावरण‑मित्र विकल्प जैसे मिट्टी, लकड़ी और बायोडिग्रेडेबल सामग्री अपनाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने संक्रमण को आसान बनाने के लिये तकनीकी मार्गदर्शन और प्रमाणित हरित सामग्री आपूर्तिकर्ताओं से जोड़ने का वादा किया है।
मौजूदा पीओपी मूर्तियों के निपटान के लिये भी विशेष दिशा‑निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें उन्हें निर्धारित संग्रह बिंदुओं पर जमा करने की अपील की गई है, ताकि अवैध निपटान से बचा जा सके। यह कदम इंदौर के वायु और ठोस अपशिष्ट प्रदूषण को कम करने तथा स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों के साथ तालमेल रखने के लिये उठाया गया है।