📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
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इंदौर: हुकमचंद मिल के 380 परिवारों को 33 साल बाद भी 80 करोड़ रुपये नहीं मिले
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 31 अग. 2026, 08:03 AM
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इंदौर में हुकमचंद मिल के 380 से अधिक श्रमिक परिवारों को दो साल पहले जमीन बिकने के बाद भी 80 करोड़ रुपये का बकाया अभी तक नहीं मिला है।
इंदौर में स्थित हुकमचंद मिल, जो 33 साल पहले बंद हुई थी, की जमीन दो साल पहले बेची गई। इस बिक्री से प्राप्त राशि से श्रमिकों के बकाया अधिकारों का निपटारा होने की उम्मीद थी।
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, 380 से अधिक परिवार—जिनमें कई वारिस हैं—अब भी अपने हिस्से का इंतजार कर रहे हैं। इन परिवारों के लिए निर्धारित कुल राशि 80 करोड़ रुपये से अधिक है, लेकिन यह अभी भी प्रशासनिक अड़चन के कारण फंसी हुई है।
परिवारों के प्रतिनिधियों ने कई बार नगर और राज्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है, लेकिन अधिकारियों ने धनराशि जारी करने के लिए कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी है, और प्रक्रिया में जटिलताओं का हवाला दिया है।
बकाया न मिलने के कारण इन परिवारों की आर्थिक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और 33 साल बाद भी उनके अधिकारों को पूरा करने के लिए त्वरित सरकारी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, 380 से अधिक परिवार—जिनमें कई वारिस हैं—अब भी अपने हिस्से का इंतजार कर रहे हैं। इन परिवारों के लिए निर्धारित कुल राशि 80 करोड़ रुपये से अधिक है, लेकिन यह अभी भी प्रशासनिक अड़चन के कारण फंसी हुई है।
परिवारों के प्रतिनिधियों ने कई बार नगर और राज्य अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है, लेकिन अधिकारियों ने धनराशि जारी करने के लिए कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी है, और प्रक्रिया में जटिलताओं का हवाला दिया है।
बकाया न मिलने के कारण इन परिवारों की आर्थिक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और 33 साल बाद भी उनके अधिकारों को पूरा करने के लिए त्वरित सरकारी कार्रवाई की मांग की जा रही है।