📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Press Information Department
शिक्षा
आदिवासी मामलों के निदेशालय ने अरुणाचल प्रदेश में अदी भाषा संरक्षण के लिए समर्थन का आश्वासन दिया
✍️ Arunachal24
🗓 26 अग. 2026, 11:47 PM
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आदिवासी मामलों के निदेशालय ने अरुणाचल प्रदेश में अदी भाषा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए स्थानीय समुदायों के साथ सहयोगात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
आदिवासी मामलों के निदेशालय ने अरुणाचल प्रदेश में अदी भाषा के संरक्षण के लिए अपना समर्थन स्पष्ट किया है, जो इस जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। अरुणाचल24 पर प्रकाशित बयान में निदेशालय ने इस भाषा के क्षीण होने के जोखिम को रोकने की आवश्यकता पर बल दिया।
अधिकारियों ने कहा कि विभाग अदी समुदाय के नेताओं, सांस्कृतिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर शिक्षण सामग्री, दस्तावेजीकरण परियोजनाएँ और सामुदायिक कार्यशालाएँ तैयार करेगा। यह पहल राज्य में स्वदेशी भाषाओं के संरक्षण के व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
वित्तीय विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर निदेशालय ने आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। इस कदम को सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं ने भाषा की विविधता को बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक कदम के रूप में सराहा है।
यह घोषणा तेज़ सामाजिक‑आर्थिक परिवर्तन के बीच सांस्कृतिक संरक्षण पर सरकार के बढ़ते ध्यान को दर्शाती है, और भविष्य की पीढ़ियों के लिए भाषा को ज्ञान और विरासत के वाहक के रूप में महत्व देती है।
अधिकारियों ने कहा कि विभाग अदी समुदाय के नेताओं, सांस्कृतिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर शिक्षण सामग्री, दस्तावेजीकरण परियोजनाएँ और सामुदायिक कार्यशालाएँ तैयार करेगा। यह पहल राज्य में स्वदेशी भाषाओं के संरक्षण के व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
वित्तीय विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर निदेशालय ने आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है। इस कदम को सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं ने भाषा की विविधता को बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक कदम के रूप में सराहा है।
यह घोषणा तेज़ सामाजिक‑आर्थिक परिवर्तन के बीच सांस्कृतिक संरक्षण पर सरकार के बढ़ते ध्यान को दर्शाती है, और भविष्य की पीढ़ियों के लिए भाषा को ज्ञान और विरासत के वाहक के रूप में महत्व देती है।