🔥 ट्रेंडिंग प्रूडेंट मीडिया ने लॉन्च किया 'गोवा 36... नवोटेल गोवा ने रेबेका रोड्रिग्स को पर्... इडब्ल्यूईड विस्फोट के बाद असम रिफ़्ल्स... नागालैंड में असम रिफ़्ल्स पर हमले में... नागालैंड डियर लॉटरी के परिणाम 15 जुलाई... मणिपुर के मुख्यमंत्री ने एमपीएससी 2022...
15 जुल. 2026
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
भारत का मानसून फिर से ठहर गया, यूपी में 19% कमी, MP में 3%
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / This Photo was taken by Timothy A. Gonsalves. Fee
मौसम

भारत का मानसून फिर से ठहर गया, यूपी में 19% कमी, MP में 3%

✍️ Bhaskar English 🗓 14 जुल. 2026, 12:33 PM 👁 6

भारत का मानसून 11 वर्षों में तीसरी बार ठहर गया, जिससे उत्तर प्रदेश में 19% और मध्य प्रदेश में 3% वर्षा की कमी हुई। इस ठहराव से जल सुरक्षा और कृषि उत्पादन पर चिंता बढ़ रही है।

भारत का मानसून 11 वर्षों में तीसरी बार ठहर गया है, जैसा कि भारतीय मौसम विभाग की नवीनतम रिपोर्टों में बताया गया है। इस ठहराव के कारण उत्तर प्रदेश में 19% वर्षा की कमी हुई है, जबकि मध्य प्रदेश में 3% की कमी दर्ज की गई है।

वर्षा की इस कमी से किसानों और जल प्राधिकरणों में चिंता बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश में यह कमी मुख्यतः चावल और गेहूँ की खेती को प्रभावित कर सकती है, जिससे खाद्य सुरक्षा और बाजार मूल्यों पर असर पड़ सकता है।

मध्य प्रदेश में भी, हालांकि कम गंभीर, जलाशयों और सिंचाई प्रणालियों पर दबाव बढ़ रहा है। अधिकारियों ने स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी है और कृषि व जल आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने के लिए आकस्मिक योजनाएँ तैयार की हैं।

राष्ट्रीय जल संसाधन विभाग ने किसानों को जल संरक्षण उपाय अपनाने का आग्रह किया है और प्रभावित जिलों के लिए आपातकालीन सहायता योजनाएँ घोषित की हैं। सरकार अपने मानसून पूर्वानुमान मॉडल की समीक्षा भी कर रही है ताकि प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों में सुधार किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून का दीर्घकालिक ठहराव देश के कृषि उत्पादन और आर्थिक विकास पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है, जिससे मजबूत जल प्रबंधन रणनीतियों की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
📲Get App