📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mtaylor848
खेल
भारत का भरा हुआ क्रिकेट कैलेंडर खेल की गुणवत्ता को खतरे में
✍️ Deccan Herald
🗓 25 अक्टू. 2026, 05:49 AM
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घनी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कार्यक्रमों से भारत के क्रिकेट की गुणवत्ता को खतरा दिख रहा है।
भारत का क्रिकेट कैलेंडर इस साल अत्यधिक व्यस्त है, जिसमें लगातार अंतरराष्ट्रीय दौरे, इंडियन प्रीमियर लीग और कई घरेलू टूर्नामेंट एक छोटे समय में बँधे हुए हैं। बीसीसीआई ने इस कार्यक्रम को मंजूरी दी है, जिससे राजस्व और दर्शकों की भागीदारी बढ़े, पर लगातार खेल से खिलाड़ियों को आराम का समय नहीं मिल रहा है।
क्रिकेट विश्लेषकों का कहना है कि इतनी घनी शेड्यूलिंग से खेल की गुणवत्ता घट सकती है। लगातार यात्रा, सीमित पुनरावृत्ति अवधि और उच्च‑तीव्रता वाले मैचों की अधिकता थकान और चोट के जोखिम को बढ़ाती है, जिससे प्रमुख श्रृंखलाओं और टूर्नामेंटों में प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
पर्याप्त विश्राम की कमी से युवा प्रतिभा के विकास पर भी प्रश्न उठते हैं। कठिन माहौल में नए खिलाड़ियों को अनुकूलित होना मुश्किल हो सकता है, जबकि अनुभवी सितारे शारीरिक और मानसिक तनाव के कारण फॉर्म में गिरावट देख सकते हैं।
अब हितधारक बीसीसीआई से अधिक संतुलित कार्यक्रम की मांग कर रहे हैं, जिसमें दौरे के बीच लंबा अंतराल और घरेलू कैलेंडर की पुनर्समीक्षा शामिल हो, ताकि खेल और खिलाड़ियों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।
क्रिकेट विश्लेषकों का कहना है कि इतनी घनी शेड्यूलिंग से खेल की गुणवत्ता घट सकती है। लगातार यात्रा, सीमित पुनरावृत्ति अवधि और उच्च‑तीव्रता वाले मैचों की अधिकता थकान और चोट के जोखिम को बढ़ाती है, जिससे प्रमुख श्रृंखलाओं और टूर्नामेंटों में प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।
पर्याप्त विश्राम की कमी से युवा प्रतिभा के विकास पर भी प्रश्न उठते हैं। कठिन माहौल में नए खिलाड़ियों को अनुकूलित होना मुश्किल हो सकता है, जबकि अनुभवी सितारे शारीरिक और मानसिक तनाव के कारण फॉर्म में गिरावट देख सकते हैं।
अब हितधारक बीसीसीआई से अधिक संतुलित कार्यक्रम की मांग कर रहे हैं, जिसमें दौरे के बीच लंबा अंतराल और घरेलू कैलेंडर की पुनर्समीक्षा शामिल हो, ताकि खेल और खिलाड़ियों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।