📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
बिज़नेस
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी, $682.35 बिलियन पर पहुँचे
✍️ Business Standard
🗓 01 अग. 2026, 12:36 PM
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भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में $682.35 बिलियन तक वृद्धि हुई, विदेशी मुद्रा संपत्तियों के बढ़ने से।
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार $682.35 बिलियन तक पहुँच गए हैं, जो पिछले तिमाही से $1.78 बिलियन की वृद्धि दर्शाता है।
यह बढ़ोतरी मुख्यतः विदेशी मुद्रा संपत्तियों के 2.5% वार्षिक वृद्धि के कारण है, जिसमें डॉलर सबसे बड़ा हिस्सा है, उसके बाद यूरो और जापानी येन आते हैं।
बैंक के अधिकारियों ने बताया कि मजबूत भंडार बाहरी झटकों के खिलाफ एक सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं और रुपये की स्थिरता का समर्थन करते हैं। उन्होंने वैश्विक आर्थिक माहौल, बढ़ती वस्तु कीमतें और भू-राजनीतिक तनावों को भी ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक विदेशी विनिमय प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि भंडार में यह वृद्धि सरकार के संतुलित भुगतान और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पर्याप्त तरलता सुनिश्चित करने के प्रयासों के अनुरूप है।
इन आंकड़ों के बीच भारत विदेशी निवेश को आकर्षित करता रहता है और निर्यात क्षेत्र को मजबूत बनाता है, जिससे देश की आर्थिक मूलभूतताओं में विश्वास बढ़ता है।
यह बढ़ोतरी मुख्यतः विदेशी मुद्रा संपत्तियों के 2.5% वार्षिक वृद्धि के कारण है, जिसमें डॉलर सबसे बड़ा हिस्सा है, उसके बाद यूरो और जापानी येन आते हैं।
बैंक के अधिकारियों ने बताया कि मजबूत भंडार बाहरी झटकों के खिलाफ एक सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं और रुपये की स्थिरता का समर्थन करते हैं। उन्होंने वैश्विक आर्थिक माहौल, बढ़ती वस्तु कीमतें और भू-राजनीतिक तनावों को भी ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक विदेशी विनिमय प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि भंडार में यह वृद्धि सरकार के संतुलित भुगतान और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पर्याप्त तरलता सुनिश्चित करने के प्रयासों के अनुरूप है।
इन आंकड़ों के बीच भारत विदेशी निवेश को आकर्षित करता रहता है और निर्यात क्षेत्र को मजबूत बनाता है, जिससे देश की आर्थिक मूलभूतताओं में विश्वास बढ़ता है।