📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
बिज़नेस
भारत की वित्त मंत्री ने BRICS की निजी पूंजी जुटाने में चुनौतियों पर प्रकाश डाला
✍️ Business Standard
🗓 13 अग. 2026, 09:48 AM
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वित्त मंत्री नर्मला सीतारामन ने कहा कि BRICS समूह को निजी पूंजी जुटाने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बाजार सुधारों की आवश्यकता स्पष्ट होती है।
वित्त मंत्री नर्मला सीतारामन ने हाल ही में एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि ब्रिक्स समूह—ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका—निजी पूंजी को बड़े पैमाने पर जुटाने में महत्वपूर्ण बाधाओं का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि नियामक प्रतिबंध, सीमित बाजार गहराई और निवेशक विश्वास की कमी निजी निवेश प्रवाह को सीमित करने वाले प्रमुख कारक हैं।
मंत्री ने यह भी जोड़ा कि भारत इस चुनौती को घरेलू वित्तीय बाजारों को गहरा करने और सुधारों को प्रोत्साहित करने का अवसर मानता है, जिससे समूह वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन सके।
उन्होंने बताया कि ब्रिक्स राष्ट्र पूंजी की कमी को पाटने के लिए संप्रभु धन कोष और सार्वजनिक‑निजी साझेदारी जैसी तंत्रों का पता लगा रहे हैं, पर प्रगति धीमी है।
उन्होंने कहा कि नियामक प्रतिबंध, सीमित बाजार गहराई और निवेशक विश्वास की कमी निजी निवेश प्रवाह को सीमित करने वाले प्रमुख कारक हैं।
मंत्री ने यह भी जोड़ा कि भारत इस चुनौती को घरेलू वित्तीय बाजारों को गहरा करने और सुधारों को प्रोत्साहित करने का अवसर मानता है, जिससे समूह वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बन सके।
उन्होंने बताया कि ब्रिक्स राष्ट्र पूंजी की कमी को पाटने के लिए संप्रभु धन कोष और सार्वजनिक‑निजी साझेदारी जैसी तंत्रों का पता लगा रहे हैं, पर प्रगति धीमी है।