📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / British Information Services, an agency of the Bri
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सेवा क्षेत्र के ठहराव से भारत की व्यापारिक गतिविधि जुलाई में चार‑वर्षीय न्यूनतम पर
✍️ Moneycontrol.com
🗓 05 अग. 2026, 01:40 PM
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भारत की समग्र व्यापारिक गतिविधि सूचकांक जुलाई में चार‑वर्षीय न्यूनतम पर गिर गया, जो सेवा क्षेत्र के तेज़ी से ठहराव के कारण हुआ।
भारत की समग्र व्यापारिक गतिविधि सूचकांक जुलाई में चार‑वर्षीय न्यूनतम पर गिर गया, जो 2020 की शुरुआत के बाद से सबसे कम प्रदर्शन है। यह गिरावट मुख्यतः सेवा क्षेत्र के खरीद प्रबंधक सूचकांक (PMI) के तेज़ी से घटने के कारण हुई, जो 50‑अंक सीमा से नीचे गिर गया, जो विकास और संकुचन के बीच का विभाजन बिंदु है। विनिर्माण गतिविधि अपेक्षाकृत स्थिर रही, परंतु सेवाओं में संकुचन ने उद्योग से किसी भी लाभ को मात दी। यह डेटा भारतीय चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) और सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) द्वारा जारी किया गया, जो समग्र आर्थिक गति में मंदी का संकेत देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि सेवा क्षेत्र, जो भारत के जीडीपी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, घरेलू मांग में कमी और सख्त ऋण शर्तों के कारण दबाव में है। इस गिरावट का असर रोजगार और निवेश निर्णयों पर पड़ेगा।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि सेवा गतिविधि में गिरावट से रियल एस्टेट, खुदरा और पर्यटन जैसे संबंधित क्षेत्रों पर भी असर पड़ेगा, जिससे अर्थव्यवस्था में व्यापक मंदी की संभावना बढ़ेगी।
विश्लेषकों का कहना है कि सेवा क्षेत्र, जो भारत के जीडीपी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, घरेलू मांग में कमी और सख्त ऋण शर्तों के कारण दबाव में है। इस गिरावट का असर रोजगार और निवेश निर्णयों पर पड़ेगा।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि सेवा गतिविधि में गिरावट से रियल एस्टेट, खुदरा और पर्यटन जैसे संबंधित क्षेत्रों पर भी असर पड़ेगा, जिससे अर्थव्यवस्था में व्यापक मंदी की संभावना बढ़ेगी।