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25 अग. 2026
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राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर भारत की $9 अर्ब की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, ISRO का 2035 योजना
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indian Space Research Organisation
विज्ञान

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर भारत की $9 अर्ब की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, ISRO का 2035 योजना

✍️ NDTV Profit 🗓 23 अग. 2026, 02:37 PM 👁 7
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राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर भारत ने $9 अर्ब की अंतरिक्ष उद्योग को उजागर किया और ISRO की 2035 तक की दीर्घकालिक योजना का खुलासा किया।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर भारत ने अपनी अंतरिक्ष उद्योग की तेज़ी से बढ़ती कीमत को उजागर किया, जो अब लगभग $9 अर्ब के मूल्य पर पहुंच गई है। इस विस्तार को व्यावसायिक लॉन्च सेवाओं, उपग्रह निर्माण और दूरसंचार, कृषि व आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बढ़ते डाउनस्ट्रीम बाजार के कारण माना जा रहा है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने इस अवसर पर 2035 तक की अपनी दीर्घकालिक योजना का विवरण दिया। इस योजना में भारी पेलोड वाले रॉकेट, चंद्र और मंगल मिशन की श्रृंखला, तथा लागत कम करने और लॉन्च आवृत्ति बढ़ाने के लिए पुन: प्रयोज्य लॉन्च वाहन विकसित करना शामिल है।

सरकारी अधिकारियों ने कहा कि यह रोडमैप व्यापक आर्थिक लक्ष्यों के साथ संरेखित है, जिसका उद्देश्य निजी निवेश को आकर्षित करना और 2030 के मध्य तक भारत को शीर्ष तीन अंतरिक्ष राष्ट्रों में शामिल करना है। इस योजना में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग और स्वदेशी प्रौद्योगिकी विकास पर भी जोर दिया गया है।

हितधारकों का मानना है कि $9 अर्ब का वर्तमान मूल्य आधारभूत आंकड़ा है, और अगले दशक के अंत तक व्यावसायिक उपग्रह सेवाओं की मांग बढ़ने से यह आकार दोगुना हो सकता है।

समग्र रूप से, इस उत्सव ने दिखाया कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अब भारत की उच्च‑तकनीकी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन गई है और भविष्य की वृद्धि का प्रमुख प्रेरक है।
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